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श्रीलंकाई सेना का है TATA के साथ खास कनेक्शन, ये गाड़ियां करती है इस्तेमाल

Sri Lanka Army Multi Purpose Trucks: श्रीलंका में इस समय आर्थिक संकट (Sri Lanka Economic Crisis) चल रहा है. सड़कों पर सेना तैनात कर दी गई है. सैनिक पूरे देश में गए किस वाहन से हैं. क्या आपको ये पता है कि श्रीलंका की सेना दो भारतीय कंपनियों के बनाए वाहनों का उपयोग करते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में...

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अशोक लीलैंड की वह मल्टी परपज ट्रक जिसका उपयोग श्रीलंका यूएन पीस मिशन में करती है. (फोटोः विकिपीडिया) अशोक लीलैंड की वह मल्टी परपज ट्रक जिसका उपयोग श्रीलंका यूएन पीस मिशन में करती है. (फोटोः विकिपीडिया)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • श्रीलंकाई सेना के पास भारत में बने सैन्य वाहन
  • यूएन शांति मिशन में भी करती है इन्हीं का उपयोग

श्रीलंका (Sri Lanka) में हिंसक लोगों को देखते ही गोली मारने का आदेश दे दिया गया है. इमरजेंसी लागू है. श्रीलंकाई सेना शहरों कस्बों में लोगों को नियंत्रित करने के लिए तैनात कर दी गई है. लेकिन सैनिकों को अलग-अलग शहरों में पहुंचाने के लिए जिन वाहनों का उपयोग किया गया है उनमें से चार का संबंध भारत की दो कंपनियों से है. पहली टाटा (TATA) और दूसरी अशोक लीलैंड (Ashok Leyland). 

श्रीलंकाई सेना जिन 8 मल्टी पर्पज ट्रकों का इस्तेमाल करती है- उनमें तीन ट्रक टाटा कंपनी के हैं. एक अशोक लीलैंड का है. श्रीलंकाई सेना टाटा के जिन गाड़ियों का उपयोग करती है, उनमें शामिल हैं- फील्ड आर्टिलरी ट्रैक्टर Tata Model 1210 SD, सैन्य वाहन टाटा डिफेंस ट्रूप कैरियर एलपीटी 709 (Tata Defence Troop Carrier LPT 709) और टाटा एलपीटीए 1628 6x6 (Tata LPTA 1628 6x6). 

Tata Model 1210 SD: इस ट्रक का उपयोग श्रीलंका समेत भारत में भी कई स्थानों पर किया जाता रहा है.
Tata Model 1210 SD: इस ट्रक का उपयोग श्रीलंका समेत भारत में भी कई स्थानों पर किया जाता रहा है. 

Tata Model 1210 SD: इस ट्रक की खासियत ये है कि ये 4 टन वजन खींच सकता है. ये सड़कों पर तेज गति से चल सकता है. इसमें 96 किलोवॉट ताकत वाला टर्बो चार्ज्ड डीजल इंजन है. इसका क्लच हाइड्रोलिकली एसिस्टेड मैकेनिकल है. पांच गियर आगे बढ़ने के लिए और एक गियर पीछे आने के लिए. स्टीयरिंग मैकेनिकल लेना है या पावर के साथ ये इस ट्रक को खरीदने वाली कंपनी या देश अपने हिसाब से चुन सकती है. 

श्रीलंकाई सेना इस ट्रक को पहले करती थी उपयोग पर अभी के आधिकारिक आंकड़ें उपलब्ध नहीं हैं.
श्रीलंकाई सेना इस ट्रक को पहले करती थी उपयोग पर अभी के आधिकारिक आंकड़ें उपलब्ध नहीं हैं.

Tata LPTA 1628 6x6: इस ट्रक में 18 से 20 सैनिक बैठ सकते हैं. इस ट्रक का उपयोग भारतीय सेना और अर्धसैनिक बल व कई राज्यों की पुलिस भी करती है. इसके अलग-अलग मॉडल्स हैं, जो 8.5 टन से लेकर 33 टन तक का वजन उठा सकते हैं. 400 लीटर का फ्यूल टैंक होता है, जिसकी बदौलत ये एक बार में पूरे वजन के साथ 600 किलोमीटर जा सकता है. अधिकतम गति 80 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है. जहां तक बात रही Tata Defence Troop Carrier LPT 709 की तो इसका उपयोग भी बड़े पैमाने पर भारत में होता है. श्रीलंका की सेना भी इसका उपयोग करती है. 

इस ट्रक का उपयोग अर्द्धसैनिक बल, पुलिस और सेनाएं सैन्य यातायात के लिए करती हैं.
इस ट्रक का उपयोग अर्द्धसैनिक बल, पुलिस और सेनाएं सैन्य यातायात के लिए करती हैं. 

अब बात आती है अशोक लीलैंड (Ashok Leyland) के स्टेलियॉन (Stallion) ट्रक की. यह 4x4 सैन्य वाहन है. जिसका मकसद है सैनिकों को एक जगह से दूसरी जगह तेजी से ले जाना. भारतीय सेना के पास तो ये 60 हजार से ज्यादा हैं. श्रीलंकाई सेना इस ट्रक का उपयोग अपने देश में नहीं करती लेकिन उसके जवान जब संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में जाते हैं, तब उन्हें इसी ट्रक में बैठकर आना-जाना होता है. हालांकि, पिछले कुछ सालों में श्रीलंका ने चीन की तरफ अपना झुकाव बढ़ा दिया है. वह चीन से लिए गए हथियार और वाहनों का उपयोग कर रही है. इसलिए इस समय वह भारतीय सैन्य वाहनों का कितना उपयोग कर रही है, इसकी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है. 

 

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