इस्लामाबाद में सिख समुदाय के लोग पाकिस्तानी संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के लिए एकजुट हो गए हैं. प्रदर्शनकारियों का आरोप है पिछले दिनों कराची, शिकारपुर और सिंध के कई अन्य शहरों में उनके गुरुद्वारों को आग लगा दी गई थी. प्रदर्शनकारी आंतरिक मामलों के मंत्री चौधरी निसार अली खान से गुरुद्वारों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं.
पाकिस्तान में अंग्रेजी के प्रमुख अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की वेबसाइट पर प्रकाशित खबर के मुताबिक सिख समुदाय के लोग प्रदर्शन के दौरान संसद भवन के मुख्य दरवाजे को तोड़कर संसद के प्रांगण में प्रवेश करने में सफल हो गए हैं. मौके पर बड़ी संख्या पुलिस और सुरक्षा बल तैनात है. उग्र भीड़ पर नियंत्रण के लिए आतंक विरोधी दस्ते के अलावा इस्लामाबाद के डिप्टी कमिश्नर और आईजी भी संसद भवन में मौजूद हैं.
दूसरी ओर खबर है कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच समझौते को लेकर बातचीत का दौर शुरू हो गया है. पाकिस्तान में राजनीतिक दल तहरीक-ए-तालिबान के प्रमुख इमरान खान ने सिखों के धार्मिक स्थलों पर हमले की निंदा की है. इमरान ने इस संबंध में ट्विटर पर लिखा है कि सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की जानी चाहिए और हमले को लेकर जो भी दोषी हैं उनको सजा दी जानी चाहिए.
इमरान खान के ट्वीट्स-
We condemn repeated attacks against Sikh places of worship & their Holy Book in Sindh. All religious places must be respexcted & protected.
— Imran Khan (@ImranKhanPTI)
All those guilty of violating the sanctity of places of worship and of targeting the minorities must be arrested and punished.
— Imran Khan (@ImranKhanPTI)
I call on all Pakistanis 2 show respect & tolerance 4 each other & 4 all places of worship.
— Imran Khan (@ImranKhanPTI)