अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर युद्ध से तबाह गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण के लिए गठित बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक गुरुवार को हुई. वॉशिंगटन डीसी के डोनाल्ड जे ट्रंप इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में आयोजित पहली बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी शामिल हुए. शहबाज शरीफ ने इस बैठक में भी अमेरिकी राष्ट्रपति को मक्खन लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण को लेकर हुई इस बैठक का उपयोग मक्खनबाजी के लिए किया. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को साउथ एशिया का सेवियर बताया और यह तक कह दिया कि आप जैसा कोई नहीं है. ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप शांति दूत हैं.
उन्होंने कहा कि सही मायनों में ट्रंप साउथ एशिया के सच्चे रक्षक हैं, साउथ एशिया का उद्धार करने वाले हैं. शहबाज शरीफ ने भारत के साथ युद्ध जैसे हालात के समय ट्रंप की भूमिका की तारीफ की और युद्ध रुकवाने के उनके दावों को भी सही ठहराया. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने क्षेत्र में शांति के लिए काम किया था.
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पाकिस्तानी पीएम के बयान के बाद भारत से जुड़े युद्धविराम को लेकर ट्रंप के दावों पर फिर से चर्चा तेज हो गई है. गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति की पहल पर गठित इस बोर्ड ऑफ पीस में पाकिस्तान समेत 27 देश शामिल हैं. अर्जेंटीना, अजरबैजान, सऊदी अरब, यूएई और इजरायल भी इस बोर्ड में हैं, लेकिन फिलिस्तीन इसका अंग नहीं है.
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसमें शामिल होने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी न्योता दिया था. बोर्ड की पहली बैठक में भारत ऑब्जर्वर के तौर पर शामिल हुआ. भारत की ओर से वाशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास की 'चार्ज डी अफेयर्स' नमग्या खम्पा ने प्रतिनिधित्व किया.