पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों को लेकर मचे भारी घमासान के बाद सरकार को आखिरकार घुटने टेकने पड़े हैं. शहबाज शरीफ सरकार ने एक झटके में पेट्रोल के दाम 80 रुपये प्रति लीटर घटा दिए हैं. अब वहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत 378 रुपये हो गई है. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब एक दिन पहले ही सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद पूरे देश में बवाल मच गया और लोग सड़कों पर उतर आए.
दरअसल, पाकिस्तान के लोग पहले से ही तंगहाली और आसमान छूती महंगाई से परेशान हैं. ऐसे में जब सरकार ने अचानक पेट्रोल की कीमत 458.40 रुपये और डीजल 520.35 रुपये कर दी, तो लोगों के सब्र का बांध टूट गया. देशभर में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और पेट्रोल पंपों पर लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लग गईं. जनता का गुस्सा इस कदर था कि सरकार को अपने कदम पीछे खींचने ही पड़े. हालांकि सरकार का कहना था कि अमेरिका और ईरान की जंग की वजह से पूरी दुनिया में तेल महंगा हुआ है, लेकिन लोग सरकार की इस बात को मानने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थे.
बाइक वालों के लिए स्पेशल ऑफर
सड़कों पर मचे बवाल को शांत करने के लिए सरकार ने एक और बड़ा दांव खेला है. वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने ऐलान किया है कि जो लोग मोटरसाइकिल या स्कूटर चलाते हैं, उन्हें अगले 3 महीने तक हर महीने 20 लीटर पेट्रोल पर 100 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी दी जाएगी. यानी आम आदमी को महंगाई के बोझ से बचाने के लिए यह एक अलग से राहत देने की कोशिश है.
पाकिस्तान अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों से मंगवाता है. ऐसे में खाड़ी देशों में युद्ध जैसे हालात बनने का सीधा असर आम आदमी के घर के बजट पर पड़ता है. पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने साफ कहा कि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें कंट्रोल से बाहर हो गई थीं, इसलिए दाम बढ़ाना मजबूरी थी. फिलहाल ₹80 की इस कटौती ने वहां के लोगों को थोड़ी राहत तो दी है, लेकिन आर्थिक संकट के बीच आगे क्या होगा, इस पर अब भी सस्पेंस बना हुआ है.