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कभी रेस्टोरेंट में धोते थे बर्तन, अब संभालेंगे नेपाल की संसद में स्पीकर की कमान... संघर्ष की मिसाल हैं DP अर्याल

Nepal Parliament Speaker: नेपाल की राजनीति में रविवार को एक नया अध्याय जुड़ गया, जब राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के उपाध्यक्ष डोल प्रसाद (DP) अर्याल ने प्रतिनिधि सभा के स्पीकर के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली. एक समय काठमांडू के होटलों में बर्तन धोने वाले अर्याल का संसद के सर्वोच्च पद तक पहुंचना किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है.

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नेपाल की संसद को मिला नया स्पीकर.(Photo:ITG)
नेपाल की संसद को मिला नया स्पीकर.(Photo:ITG)

नेपाल की प्रतिनिधि सभा के स्पीकर के रूप राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के उपाध्यक्ष डोल प्रसाद (DP) अर्याल ने रविवार को शपथ ग्रहण कर औपचारिक रूप से पदभार संभाल लिया. शीतल निवास में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण के तुरंत बाद अर्याल अपने कार्यालय पहुंचे और जिम्मेदारी संभाल ली.

रविवार को ही प्रतिनिधि सभा की बैठक में डीपी अर्याल को निर्विरोध निर्वाचित होने की औपचारिक घोषणा की गई. शुक्रवार को संसद सचिवालय में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के उपाध्यक्ष और सांसद डीपी अर्याल एकमात्र उम्मीदवार के रूप मापना नामांकन दाखिल किया.  आरएसपी को संसद में दो तिहाई बहुमत होने के कारण उनकी जीत सुनिश्चित थी. 

रविवार दोपहर को प्रतिनिधि सभा के प्रोटेम स्पीकर अर्जुन नरसिंह केसी ने सदन में उनके निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की. अब वे प्रतिनिधि सभा की कार्यवाही का संचालन करेंगे, जिसका अगला सत्र सोमवार दोपहर 1 बजे निर्धारित है.

संघर्ष से शिखर तक का सफर

डीपी अर्याल का जीवन संघर्ष और मेहनत की मिसाल है. उनका जन्म 1974 में धादिंग जिले के मैदी गांव में हुआ था. साधारण परिवार में जन्मे अर्याल वर्ष 1992 में बेहतर भविष्य की तलाश में काठमांडू पहुंचे. यहां उन्होंने एक रेस्टोरेंट में मजदूर के रूप में काम शुरू किया जहां उनका काम जूठे बर्तन धोना और टेबल की सफाई करनी थी. 

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धीरे-धीरे उन्होंने अपने कौशल और मेहनत के दम पर आगे बढ़ते हुए टूरिस्ट गाइड के रूप में पहचान बनाई. इसके बाद वे रोजगार और अध्ययन के लिए जापान गए, जहां उन्होंने लगभग आठ वर्ष बिताए और अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल किया.

नेपाल लौटने के बाद उन्होंने पर्यटन, शिक्षा, सहकारी और रेमिटेंस जैसे क्षेत्रों में निवेश किया. सुमिरे टूर्स एंड ट्रैवल्स, जापानी भाषा अकादमी, हेम्स स्कूल और इजीलिंक रेमिटेंस जैसे संस्थानों के माध्यम से उन्होंने रोजगार सृजन में योगदान दिया. एक समय के साधारण मजदूर रहे अर्याल आगे चलकर इजीलिंक रेमिटेंस के सीईओ तक बने.

सामाजिक सेवा में सक्रिय भूमिका

व्यवसाय के साथ-साथ अर्याल सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहे. उन्होंने कालिकोट में रास्कोट सामुदायिक अस्पताल निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया. कोरोना महामारी के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर वितरण, राहत और बचाव कार्यों में उनकी सक्रियता उल्लेखनीय रही.

राजनीति में तेजी से उभार

अर्याल की राजनीतिक यात्रा 2022  में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के गठन के साथ शुरू हुई. वे पार्टी के संस्थापक केंद्रीय सदस्य बने और जल्द ही पार्टी अध्यक्ष रवि लामिछाने के विश्वासपात्र बने और रवि ने उनको पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया. पार्टी के भीतर संकट के समय जब कई महीनों तक रवि सहकारी घोटाले में जेल में बंद थे उस समय पार्टी में उन्होंने कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई.

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वे काठमांडू संसदीय क्षेत्र नंबर 9 से भारी मतों से चुनाव जीतकर प्रतिनिधि सभा पहुंचे. 2022 के आम चुनाव में आरएसपी चौथी बड़ी पार्टी बनकर उभरी. उस समय आरएसपी भी सरकार में गई और डीपी अर्याल को श्रम तथा रोजगार जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई. हालांकि, उनका पहला कार्यकाल मात्र 22 दिनों का रहा. लेकिन दूसरी बार जब उनकी पार्टी सरकार में सहभागी हुई तो अर्याल को फिर से वही मंत्रालय मिला. 

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