जेन जी आंदोलन से उभरे बालेन शाह और रवि लामीछाने की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सत्ता में आने के बाद कई बदलाव देखने को मिले हैं. नेपाल सरकार अब भारत-नेपाल सीमा पर सख्त रुख अपना रही है. भारत से नेपाल जाने वालों और सामान ले जाने वालों पर कस्टम नियम लागू किए गए हैं.
नियमों के अनुसार, 100 रुपये से अधिक का सामान लेकर नेपाल में प्रवेश करने पर कस्टम शुल्क देना अनिवार्य होगा. शुल्क न देने की स्थिति में सामान ज़ब्त कर लिया जाएगा.
इस वजह से भारत-नेपाल सीमा पर तैनात नेपाली सुरक्षा अधिकारियों और कर्मियों के साथ आए दिन कहासुनी होती रहती है. कस्टम नियमों के लागू होने से दोनों देशों के संबंधों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
बालेन की पार्टी से विरोध
भारत से ₹100 से अधिक के सामान पर भन्सार शुल्क के खिलाफ बिहार-नेपाल सीमा की पहचान शंकराचार्य गेट वीरगंज बॉर्डर पर जनअधिकार पार्टी का जोरदार प्रदर्शन हुआ. पार्टी अध्यक्ष डॉ. शरद सिंह यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर धरना दिया, जिससे सीमा पर आवागमन बाधित हुआ. धरना स्थल पर मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए डॉ. शरद सिंह यादव ने सरकार की इस नीति पर तीखा हमला बोला.
उन्होंने कहा कि महज राजस्व वसूली के नाम पर नेपाल और भारत के बीच सदियों पुराने प्रगाढ़ 'रोटी-बेटी' के सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों को जानबूझकर बिगाड़ने की साजिश रची जा रही है. डॉ. यादव ने इस नियम को हास्यास्पद और अव्यवहारिक करार देते हुए आरोप लगाया, कि यह विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्र के मधेशी नागरिकों को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए लाया गया है. उन्होंने सरकार से जनविरोधी प्रावधान को तत्काल वापस लेने की मांग की.
प्रधानमंत्री बालेन शाह के कार्यकाल पर टिप्पणी करते हुए जनअधिकार पार्टी के अध्यक्ष ने अपनी निराशा व्यक्त की. उन्होंने कहा कि मधेशी मूल का प्रधानमंत्री बनने पर क्षेत्र की जनता में जो भारी उत्साह था, वह सरकार गठन के मात्र 22 दिनों के भीतर धूमिल हो गया है. मधेशियों के खिलाफ ऐसा 'अप्रिय' और कड़ा नियम लागू करना बेहद दुखद है. डॉ. यादव ने आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान महंगाई नियंत्रित करने के बजाय केवल कर वसूलने पर है, जो मधेश के खिलाफ एक तरह की 'अघोषित नाकाबंदी' जैसा कृत्य है.
सीमा पर चौतरफा विरोध और राजनीतिक दबाव
गौरतलब है कि सरकार ने राजस्व चोरी रोकने और स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भन्सार महसुल अधिनियम 2081 के तहत, पिछले साल से कागजों में मौजूद इस नियम को अब सख्ती से लागू किया है. हालांकि, जमीनी स्तर पर इसका व्यापक विरोध हो रहा है. नेपाली कांग्रेस ने भी इस पर अपनी आपत्ति जताई है. जनता समाजवादी पार्टी के संरक्षक महन्थ ठाकुर ने एक विज्ञप्ति जारी कर इस नीति को नेपाल-भारत के बीच ऐतिहासिक आर्थिक और सामाजिक संबंधों पर प्रहार बताया है, और पुरानी सहज व्यवस्था बहाल करने की मांग की है.
वहीं, राष्ट्रीय एकता दल के अध्यक्ष विनय यादव ने इस प्रशासनिक कड़ाई को 1950 की शांति एवं मैत्री संधि के भावनाओं के खिलाफ बताया है, जिससे पर्यटक, मरीज और आम नागरिक हतोत्साहित हो रहे हैं. लायन्स क्लब ऑफ पोखरिया के अध्यक्ष नेजामुद्दीन शमानी ने भी 100 रुपये जैसे मामूली मूल्य पर टैक्स वसूली को नागरिकों के लिए मानसिक प्रताड़ना करार दिया है.
विरोध का स्वर केवल विपक्ष तक सीमित नहीं है, सत्ता पक्ष के राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के सांसदों ने भी प्रधानमंत्री बालेन शाह और गृह मंत्री सुधन गुरुंग से मिलकर इस अव्यवहारिक नीति पर पुनर्विचार करने का दबाव बनाया है.
राजधानी काठमांडू में भी मधेशी युवाओं ने इस टैक्स नीति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जहां कुछ वस्तुओं पर टैक्स की प्रभावी दर 50 से 80 प्रतिशत तक पहुंच रही है.
सीमा नाकों पर भन्सार में की गई सख्ती के कारण आम नागरिकों द्वारा की जा रही भारी शिकायतों और बढ़ते तनाव के बीच मधेश प्रदेश के पुलिस प्रमुख, पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) गोविंद थपलिया ने एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप किया है. उन्होंने मधेश से लगे नेपाल के सभी सीमा नाकों पर तैनात अधीनस्थ पुलिस निकायों को आम नागरिकों को अनावश्यक दुख न देने का सख्त निर्देश जारी किया है.
डीआईजी थपलिया ने सीमा क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और नागरिक-हितैषी व्यवहार बनाए रखने पर जोर देते हुए पुलिस बल को नियमों के कार्यान्वयन के दौरान संवेदनशील होकर काम करने का आग्रह किया है, ताकि आम जनता के दैनिक जीवन पर बुरा असर न पड़े. डीआईजी के इस निर्देश को सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है.
बावजूद इसके, आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने इस अव्यवहारिक नियम को वापस नहीं लिया या सीमावर्ती निवासियों के लिए विशेष पहचान पत्र जैसी कोई सहज व्यवस्था नहीं की, तो आक्रोश जल्द ही एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले लेगा.