'मेक इन इंडिया' के लिए निवेश जुटाने और अमेरिकी कारोबारियों को लुभाने की खातिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी वाणिज्य समूहों को 'स्थिर कर नीति' (स्टेबल टैक्स पॉलिसी) का भरोसा दिया है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने उदारता दिखाते हुए अमेरिकियों के लिए 'वीजा ऑन अराइवल' की घोषणा की है. हालांकि इस दौरान मोदी ने अपने वीजा प्रतिबंध का सीधे तौर पर कोई जिक्र नहीं किया.
हालांकि अमेरिका ने लगभग एक दशक तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीजा रोके रखा. लेकिन भारतीय प्रधानमंत्री ने मेजबान देश को उसी के आंगन में अपनी ताकत और लोकप्रियता का बखूबी अहसास कराया है.
At the dining table. Prez & PM discuss opportunities of working together.
— Syed Akbaruddin (@MEAIndia)
मोदी ने कहा कि भरोसा पैदा करने के लिए टैक्स में स्थिरता जरुरी है. उन्होंने ये बात अमेरिका के 11 सीईओ से मुलाकात में कही. दिलचस्प बात ये है कि मोदी की ये टिप्पणी तब आई है जब यूपीए सरकार के दौरान टैक्स नीतियों की खूब आलोचना हुई थी. इसमें वोडाफोन से टैक्स वसूलने के लिए कानून में किया गया संशोधन भी शामिल है. यही नहीं दो कदम आगे बढ़ते हुए नरेंद्र मोदी और उनके सहयोगी यूपीए की टैक्स नीतियों को 'टैक्स टेररिज्म' बताने से भी नहीं चूके.
कोल आवंटन पर SC का फैसला नया 'मौका'
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अमेरिकी व्यापार के दिग्गजों से मुलाकात की. दुनिया के 16 बड़े सीईओ से नाश्ते पर उन्होंने सबसे अकेले में बात भी की. मोदी ने कोयला घोटाले पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ये भविष्य में हम सभी के लिए बेहतर मौका है. कोल आवंटन रद्द होना नई शुरुआत का मौका है. यह पुरानी गलती मिटाकर आगे बढ़ने का भी मौका है.
In response to PM call for investments, Black Rock to host global investors meet in India, early 2015
— Syed Akbaruddin (@MEAIndia)
मोदी ने बिजनेस लीडर्स से भारत में ढांचागत क्षेत्र के विकास में बड़ा निवेश करने और रोजगार के अवसर पैदा करने और लोगों के जीवन स्तर में सुधार में मदद का आह्वान किया. बैठक में पेप्सिको की सीईओ इंदिरा नूयी, गूगल के चेयरमैन एरिक स्मिट और सिटीग्रुप के प्रमुख माइकल कार्बेट जैसी हस्तियां शामिल हुईं. प्रधानमंत्री ने उनके साथ भारत में निवेश और कारोबारी के अवसरों पर चर्चा की. उन्होंने उन उपायों पर भी चर्चा की जो भारत में कारोबार के माहौल को सुधारने में सहायक हो सकते हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने प्रधानमंत्री के हवाले से ट्विटर पर अपने संदेश में कहा, 'भारत खुले विचारों वाला देश है. हम बदलाव चाहते हैं. यह बदलाव एकतरफा नहीं होता. मैं नागरिकों, उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ इस पर चर्चा कर रहा हूं.'
CEO of Virginia Romnetty meets PM . Discusses software for "Smart Cities"& Digital India Initiative
— Syed Akbaruddin (@MEAIndia)
इस मुलाकात में मास्टरकार्ड के सीईओ अजय बंगा, कारगिल के चेयरमैन और सीईओ डेविड डब्ल्यू मैकलेनान, कैटरपिलर के डगलस ओबेरहेलमैन, एईएस के एंड्रेस ग्लुस्की, मर्क के केनेथ फ्रैजियर, कार्लाइल ग्रुप के सह-संस्थापक और सह-सीईओ डेविड रबेनस्टेन, हॉस्पिरा के माइकल बाल और वारबर्ग पिनकस के चार्ल्स काए भी शामिल थे.
बिजनेस लीडर्स के साथ एक घंटे से अधिक समय तक चली मुलाकात के बाद बोइंग, केकेआर, ब्लैकरॉक, आईबीएम, जनरल इलेक्ट्रिक और गोल्डमैन सॉक्स के कार्यकारियों ने मोदी से अलग अलग मुलाकात की. इस यात्रा में सीईओ के साथ प्रधानमंत्री की यह पहली व्यापक बातचीत थी.
मोदी अपने 5 दिन के अमेरिका दौरे के दूसरे चरण में मंगलवार को वॉशिंगटन में कारोबारी बैठकों में हिस्सा लेंगे. मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच मंगलवार को द्विपक्षीय बातचीत होगी.