बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने मंगलवार को एक टेलीविजन संबोधन में देश के लोगों को आश्वस्त किया कि उनके नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव के बाद नव निर्वाचित सरकार को बिना देर किए सत्ता सौंप देंगी. उन्होंने आम चुनावों में लोगों से मतदान करने की अपील करते हुए इसे देश के लिए ऐतिहासिक, निर्णायक और भविष्य तय करने वाला क्षण बताया.
बांग्लादेश में 12 फरवरी को संसदीय चुनाव होंगे. अगस्त 2024 में देशव्यापी जनआंदोलन के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद देश में ये पहले चुनाव हैं. राष्ट्र के नाम संबोधन में यूनुस ने कहा कि किसी भी देश के जीवन में कुछ दिन ऐसे होते हैं, जो लोकतंत्र की दिशा, उसकी स्थिरता और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करते हैं. उन्होंने कहा कि अगले दिन दो महत्वपूर्ण मतदान होंगे- एक नई सरकार के चुनाव के लिए और दूसरा जुलाई चार्टर के क्रियान्वयन पर जनमत संग्रह के लिए.
यह भी पढ़ें: दीपू दास के परिवार को आर्थिक मदद देगी बांग्लादेश की अंतिरम सरकार... पक्का घर भी बनवाएगी
मोहम्मद यूनुस ने स्पष्ट किया कि सत्ता हस्तांतरण को लेकर अंतरिम सरकार के खिलाफ फैलाई जा रही अफवाहें निराधार हैं. संसदीय चुनाव के बाद नव निर्वाचित सरकार तुरंत बांग्लादेश में प्रशासन की जिम्मेदारी संभाल लेगी. उन्होंने कहा, 'हम गर्व और प्रसन्नता के साथ नई सरकार को जिम्मेदारी सौंपेंगे और अपने-अपने कार्यों में लौट जाएंगे.' यूनुस ने दुष्प्रचार और गलत सूचना फैलाने वालों से सतर्क रहने की अपील की और चेतावनी दी कि चुनावी माहौल बिगाड़ने या हिंसा भड़काने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने, हिंसा या मतदाताओं को प्रभावित करने से दूर रहने के सख्त निर्देश देने को कहा. मोहम्मद यूनुस ने बताया कि निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए रिकॉर्ड संख्या में सुरक्षा बलों और मजिस्ट्रेटी अधिकारों से लैस सशस्त्र बलों की तैनाती की गई है. बता दें कि साल 2024 की शुरुआत में शेख हसीना सरकार के खिलाफ कोटा सिस्टम को लेकर शुरू हुआ स्टूडेंट मूवमेंट, देखते-देखते देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में तब्दील हो गया था. इस कारण शेख हसीना को 5 अगस्त, 2024 को बांग्लादेश से भागना पड़ा था. उन्होंने फिलहाल भारत में शरण ली हुई है.