बांग्लादेश में शनिवार को मॉब वायलेंस (Mob Violence) की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई. पश्चिमी कुश्तिया और उत्तर-पश्चिमी रंगपुर में हालात तनावपूर्ण हो गए. एक ओर इस्लाम का अपमान करने के आरोप में मुस्लिम आध्यात्मिक नेता की हत्या कर दी गई, वहीं दूसरी ओर हिंदू समुदाय के घरों और दुकानों में तोड़फोड़ की गई.
ढाका से करीब 300 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित रंगपुर में एक मुस्लिम युवक की मौत के बाद गुस्साई भीड़ ने कई हिंदू परिवारों के घरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर हमला कर दिया. पुलिस के मुताबिक, यह तोड़फोड़ किसी तीसरे पक्ष ने की, ताकि मामले की दिशा और जांच को भटकाया जा सके.
स्थानीय अखबार प्रोथोम आलो प्रोथोम आलो (Prothom Alo) की रिपोर्ट के मुताबिक, दासपारा बाजार इलाके में, जहां 100 से अधिक हिंदू परिवार रहते हैं, रकीब हसन नामक युवक की हत्या कथित तौर पर ड्रग तस्कर मोहम्मद मोमिन ने पुराने विवाद के चलते की थी. रिपोर्ट में बताया गया कि मोमिन फरार है और उसके परिवार के लोग हमले के डर से सहमे हुए हैं.
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मुस्लिम युवक की हत्या के बाद निशाने पर हिंदू
पुलिस ने बताया कि मृतक युवक के परिवार ने खुद कहा कि इस हत्या में हिंदू समुदाय का कोई हाथ नहीं है. रकीब हसन की मां नूर जहां बेगम ने स्थानीय पत्रकारों से कहा, 'हमारा उनसे (हिंदुओं से) कोई विवाद नहीं है.' रंगपुर के पुलिस आयुक्त मोहम्मद माजिद अली ने कहा, 'हम असली हत्यारों की तलाश कर रहे हैं और तोड़फोड़ करने वालों की भी पहचान कर ली गई है.' बांग्लादेश हिंदू बौद्ध क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल ने 9 अप्रैल को कहा था कि इस साल 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा की 133 घटनाएं सामने आई हैं.
पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दूसरी घटना में कुश्तिया (ढाका से करीब 200 किलोमीटर पश्चिम) में हमलावरों के एक समूह ने स्कूल शिक्षक और आध्यात्मिक नेता शमीम रेजा जहांगीर की हत्या कर दी और उनके कम से कम सात शिष्यों को गंभीर रूप से घायल कर दिया. उन पर इस्लाम का अपमान करने का आरोप लगाया गया था. कुश्तिया के दौलतपुर थाने के प्रभारी आरिफुर रहमान ने बताया, 'स्थानीय असामाजिक तत्वों ने जहांगीर की हत्या कर दी. उनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए कुश्तिया जनरल अस्पताल भेजा गया है.'
अधिकारियों ने बताया कि हिंसा रोकने के लिए सशस्त्र पुलिस और एलीट एंटी-क्राइम फोर्स रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) को मौके पर तैनात किया गया है. स्थानीय पत्रकारों ने बताया कि मई 2021 में पुलिस ने कट्टरपंथी इस्लामी समूहों के आरोपों के बाद जहांगीर को विवादित गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में अदालत के आदेश पर उन्हें रिहा कर दिया गया था. पुलिस ने उन गतिविधियों के बारे में अधिक जानकारी नहीं दी.