वेनेजुएला में अमेरिकी ऑपरेशन के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता एक्टिविस्ट मारिया कोरिना मचाडो का नाम चर्चा में है. मारिया कोरिना मचाडो (María Corina Machado) वेनेजुएला की सबसे प्रमुख विपक्षी नेता हैं. वह लिबरल पॉलिटिशियन हैं और लंबे समय से ह्यूगो शावेज और निकोलस मादुरो की सरकारों के खिलाफ लोकतंत्र और फ्रीडम की लड़ाई लड़ रही हैं.
वेनेजुएला में अमेरिकी ऑपरेशन के बाद पॉवर वैक्युम पैदा हो गया है. राष्ट्रपति मादुरो को 'पकड़ने' के बाद अमेरिकी अटॉर्नी पाम बोंडी ने कहा है कि मादुरो पर मुकदमा चलेगा. इसके बाद अब अमेरिका में ये सवाल पैदा हो गया है कि अमेरिका वेनेजुएला का लीडरशिप किसे सौंपेगा.
अमेरिकी ऑपरेशन के बाद मारिया कोरिना मचाडो ट्रांजिशन गवर्नमेंट या नई राष्ट्रपति की सबसे मजबूत दावेदार हैं. वो ट्रंप की वेनेजुएला पॉलिसी को पूरी तरह सपोर्ट करती हैं और प्राइवेटाइजेशन, अमेरिकी निवेश की बात करती हैं. कुछ लोग उन्हें "वेनेजुएला की आयरन लेडी" कहते हैं. अगर मादुरो शासन गिरता है, तो मचाडो किसी भी नई व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति होंगी.
वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने दिसंबर में कहा था कि निकोलस मादुरो के शासन के दिन गिने-चुने हैं. उन्हें नॉर्वे में नोबेल शांति पुरस्कार मिलने से कुछ दिन पहले ही वेनेजुएला से चुपके से बाहर निकाला गया था.
मचाडो 58 साल की हैं, उनका जन्म एक अमीर परिवार में हुआ था और वह पहली बार 2010 में नेशनल असेंबली के लिए चुनी गई थीं. सीएनएन ने एक रिपोर्ट में कहा है कि एक बार मादुरो के पूर्ववर्ती ह्यूगो शावेज का एक राष्ट्रीय टेलीविजन पर मचाडो से सामना हुआ था, तब मचाडो ने उनकी नीतियों की आलोचना करते हुए कहा था कि "जब्त करना चोरी करना है."
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मचाडो 2010 में नेशनल असेंबली की मेंबर चुनी गईं. 2014 में मादुरो सरकार ने उन्हें वेनेजुएला से निकाल दिया. वो वेंटे वेनेजुएला पार्टी की फाउंडर और लीडर हैं.
मचाडो मादुरो को "क्रिमिनल रेजीम" और "नार्को-टेररिस्ट" कहती हैं.
अंधेरे के बीच लोकतंत्र की लौ
नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने उन्हें "शांति की एक बहादुर और समर्पित चैंपियन करार दिया है. वह एक ऐसी महिला है जो बढ़ते अंधेरे के बीच लोकतंत्र की लौ जलाए रखती है.
मचाडो ने नोबेल पुरस्कार स्वीकार करते हुए अपने भाषण में कहा कि 16 महीने छिपकर रहने के दौरान विपक्ष ने वेनेजुएला में नागरिकों का एक नेटवर्क बनाया है जो वेनेजुएला के लोकतंत्र में व्यवस्थित बदलाव की तैयारी कर रहे हैं.
मचाडो ने तब कहा था, "मैं फिर से साइमन बोलिवर ब्रिज पर खड़ी होऊंगी, जहां मैं एक बार हजारों लोगों के बीच रोई थी जो जा रहे थे, और उनका उस शानदार जीवन में स्वागत करूंगी जो हमारा इंतजार कर रहा है."
उन्होंने ओस्लो में कहा, "मैं वेनेजुएला वापस आऊंगी, मुझे इसमें कोई शक नहीं है."
मचाडो ने 2024 के चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार गोंजालेज का समर्थन किया था और पिछले महीने कहा था कि उन्होंने उन्हें एक लोकतांत्रिक सरकार में उपराष्ट्रपति बनने के लिए आमंत्रित किया है, उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक बदलाव शुरू होने के बाद पुलिस और सशस्त्र बलों का "बहुत बड़ा हिस्सा" नए प्रशासन के आदेशों का पालन करेगा.
फॉक्स न्यूज ने अपने एक रिपोर्ट में कहा है कि मारिया वेनेजुएला का नेतृत्व संभालने की रेस में सबसे आगे है. फॉक्स डिजिटल ने कहा वेनेजुएला के इकोनॉमिक इन्क्लूजन ग्रुप के प्रेसिडेंट जॉर्ज जराइसाटी के हवाले से कहा कि, "मचाडो और गोंजालेज वेनेजुएला में एक ट्रांजिशनल सरकार बनाएंगे. उन्हें 70% वेनेजुएला के लोगों का सपोर्ट है. वे इस ट्रांजिशन पीरियड को लीड करेंगे."
उन्होंने आगे कहा कि "मुझे लगता है कि मचाडो में इस बहुत मुश्किल ट्रांजिशन को लीड करने की काबिलियत और ईमानदारी है. अहम बात यह होगी कि वह करियर पॉलिटिशियन के बजाय युवा और काबिल वेनेजुएला के लोगों को अपने साथ रखें."
हालांकि मचाडो ने अभी तक मादुरो के पतन पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन पिछले महीने ही उन्होंने फॉक्स न्यूज़ डिजिटल को बताया था कि "मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हर कोशिश, हर संकेत और हर उस पल के लिए बहुत आभारी हूं जब वह वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़े रहे. मैंने इसे बहुत करीब से देखा है.