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Nancy Pelosi Aircraft: जानिए ताइवान पहुंचे उस अमेरिकी विमान की खासियत, जिसने बढ़ाई चीन की चिंता

Nancy Pelosi Landed in Taiwan: अमेरिकी स्पीकर नैंसी पेलोसी का प्लेन जैसे ही ताइवान के हवाई क्षेत्र में गया, चीन की चिंता बढ़ गई. चीन बौखला गया है क्योंकि नैंसी जिस विमान से ताइवान पहुंची हैं, वह अमेरिकी वायुसेना का मिलिट्री प्लेन है. ऐसे मिलिट्री प्लेन के नजदीक आने से चीन अब अमेरिका और ताइवान को अंजाम भुगतने की चेतावनी दे रहा है. आइए जानते हैं इस नैंसी पेलोसी के इस प्लेन की खासियत क्या है?

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ये है अमेरिकी स्पीकर नैंसी पेलोसी का वो बोइंग सी-40सी प्लेन, जिससे वो ताइवान पहुंची हैं. (फोटोः गेटी) ये है अमेरिकी स्पीकर नैंसी पेलोसी का वो बोइंग सी-40सी प्लेन, जिससे वो ताइवान पहुंची हैं. (फोटोः गेटी)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अमेरिका की तीन सेनाएं करती हैं उपयोग
  • खास तौर से VVIP मूवमेंट के लिए उड़ता है

चीन और ताइवान के बीच तनाव चल रहा है. ऐसे में अमेरिका की स्पीकर नैंसी पेलोसी (Nancy Pelosi) ताइवान पहुंच गई हैं. उनका खास प्लेन जैसे ही ताइवान के हवाई क्षेत्र में पहुंचा, चीन बौखला गया. क्योंकि यह एक खास तरह का मिलिट्री प्लेन है, जिसे अमेरिकी वायुसेना, नौसेना और मरीन कॉर्प्स उपयोग करते हैं. मिलिट्री प्लेन को देखते ही चीन ने अमेरिका और ताइवान को अंजाम भुगतने की धमकी तक दे डाली. खैर... चीन आगे क्या करेगा. ये तो बाद की बात है. फिलहाल आप इस मिलिट्री प्लेन की खासियत को जानिए... 

ताइवान की राजधानी ताइपे के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरता Nancy Pelosi का प्लेन. (फोटोः AFP)
ताइवान की राजधानी ताइपे के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरता Nancy Pelosi का प्लेन. (फोटोः AFP)

नैंसी पेलोसी जिस प्लेन से ताइवान पहुंची हैं, उसका नाम है बोइंग सी-40 क्लिपर (Boein C-40 Clipper या Boeing C-40C). यह बोइंग-737 नेक्स्ट जेनरेशन विमान का मिलिट्री वर्जन है. इसकी पहली उड़ान अप्रैल 2000 में हुई थी. तब से ये लगातार अमेरिकी सेनाओं के लिए सेवा दे रहा है. अब तक ऐसे 28 विमान बनाए जा चुके हैं. 

ताइवान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करता Nancy Pelosi का बोइंग सी-40सी प्लेन.
ताइवान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करता Nancy Pelosi का बोइंग सी-40सी प्लेन. 

बोइंग सी-40 क्लिपर (Boein C-40 Clipper या Boeing C-40C) को मुख्य रूप से अमेरिका के कैबिनेट मंत्री, कांग्रेस के सदस्यों को ले आने और ले जाने के काम आता है. सिर्फ अत्याधुनिक संचार प्रणाली को छोड़ दें तो इसमें वो सारी सुविधाएं हैं जो सी-40बी विमान में है. इसमें क्रू रेस्ट एरिया, विजिटर कंपार्टमेंट, सोने के लिए अलग-अलग कमरें, गैली और बिजनेस क्लास सीटिंग मौजूद हैं. इसके अलावा काम करने के लिए दफ्तर भी बने हैं. इसमें दो तरफ से चलने वाला ब्रॉडबैंड डेटा कम्यूनिकेशन है. यानी टेलिफोन, सैटेलाइट फोन, फैक्स और फोटोकॉपी की सुविधाएं मौजूद हैं. 

इस प्लेन के तीन वर्जन हैं. अब तक तीनों के 28 यूनिट बनाए गए हैं. (फोटोः AFP)
इस प्लेन के तीन वर्जन हैं. अब तक तीनों के 28 यूनिट बनाए गए हैं. (फोटोः AFP)

बोइंग सी-40 क्लिपर (Boein C-40 Clipper या Boeing C-40C) में 42 से 111 यात्री सवार हो सकते हैं. इस प्लेन के लिए अमेरिका रक्षा मंत्रालय ने 201वीं एयरलिफ्ट स्क्वॉड्रन बना रखी है. इसे उड़ाने के लिए चार से छह क्रू मेंबर की जरुरत होती है. एक पायलट, को पायलट, क्रू चीफ, लोडमास्टर और सेकेंड लोडमास्टर. यह प्लेन एक बार में 77,564 किलोग्राम वजन उठाने में सक्षम है. 

110.4 फीट लंबे इस प्लेन की ऊंचाई 41.2 फीट है. इसमें एक बार में 26,020 लीटर ईंधन आता है. इसकी अधिकतम गति 989 किलोमीटर प्रतिघंटा है. यह एक बार में 9300 किलोमीटर की दूरी तय ककर सकता है अधिकतम 41 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ने में सक्षम हैं. इसकी सिक्योरिटी के लिए साथ में फाइटर जेट्स सपोर्ट करते हैं. यानी ये जिस हवाई क्षेत्र से गुजरता है, वहां नीचे मौजूद अमेरिका बेस इसे सुरक्षा प्रदान करती है.  

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