ब्रिटेन में उस वक्त अचानक हड़कंप मच गया जब एक रेडियो स्टेशन ने गलती से किंग चार्ल्स III की मौत का ऐलान कर दिया. इसका ऐलान होते ही पूरे देश में हड़कंप मच गया. हालांकि थोड़ी ही देर बाद साफ हो गया कि यह खबर पूरी तरह फर्जी थी और तकनीकी खराबी की वजह से ऑन-एयर चली गई थी.
यह मामला ब्रिटेन के मशहूर रेडियो स्टेशन रेडियो केरोलिन से जुड़ा है. स्टेशन मैनेजर पीटर मूर ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि मंगलवार दोपहर मेन स्टूडियो में कंप्यूटर एरर की वजह से "डेथ ऑफ अ मॉनार्क" प्रक्रिया गलती से एक्टिवेट हो गई थी. इसी वजह से किंग चार्ल्स के निधन का गलत ऐलान प्रसारित हो गई.
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ब्रिटेन में किसी मौजूदा सम्राट की मौत की स्थिति के लिए मीडिया संस्थानों के पास पहले से तय इमरजेंसी प्रोटोकॉल मौजूद रहते हैं. इन्हें बेहद गोपनीय और संवेदनशील माना जाता है. जैसे ही यह सिस्टम एक्टिवेट हुआ, रेडियो स्टेशन कुछ समय के लिए पूरी तरह शांत हो गया, क्योंकि असली स्थिति में यही प्रक्रिया अपनाई जाती है.
झूठी खबर के बाद रेडियो ने मांगी माफी
पीटर मूर ने कहा, "जैसे ही हमें एहसास हुआ कि गलती हुई है, हमने तुरंत प्रसारण बहाल किया और ऑन-एयर माफी मांगी." उन्होंने आगे कहा कि रेडियो कैरोलाइन को पहले क्वीन और अब किंग का क्रिसमस संदेश प्रसारित करने का सम्मान मिला है और वे उम्मीद करते हैं कि आने वाले कई सालों तक ऐसा करते रहेंगे.
स्टेशन ने आधिकारिक तौर पर किंग चार्ल्स और अपने लिसनर्स से माफी भी मांगी. बयान में कहा गया कि इस गलती से जिन लोगों को परेशानी या तनाव हुआ, उसके लिए रेडियो स्टेशन खेद जताता है.
किंग और क्वीन एक साथ आयरलैंड के दौरे पर
दिलचस्प बात यह है कि जिस दिन यह गलत घोषणा हुई, उसी दिन किंग चार्ल्स III और क्वीन केमिला उत्तरी आयरलैंड के बेलफास्ट दौरे पर थे. दोनों वहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे थे. उन्होंने थॉम्पसन डॉक का दौरा किया, वही जगह जहां कभी टाइटैनिक जहाज खड़ा हुआ करता था.
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77 वर्षीय किंग चार्ल्स पिछले साल अपने कैंसर के इलाज को लेकर भी चर्चा में रहे थे. फरवरी 2024 में उन्होंने खुद खुलासा किया था कि उन्हें कैंसर है. हालांकि बाद में उन्होंने बताया कि इलाज का असर सकारात्मक रहा है और इस साल उनकी ट्रीटमेंट की तीव्रता कम की जा रही है.
हाल के महीनों में किंग चार्ल्स काफी सक्रिय नजर आए हैं. उन्होंने अमेरिका का दौरा किया, कांग्रेस को संबोधित किया और हाल ही में ब्रिटिश संसद में भी भाषण दिया था. ऐसे में उनकी मौत की फर्जी खबर ने सोशल मीडिया से लेकर ब्रिटिश मीडिया तक हलचल पैदा कर दी.