इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि मंगलवार सुबह इजरायल ने अली लरिजानी को मार गिराया. उन्होंने अली लरिजानी को रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का प्रमुख बताया और कहा कि यह समूह असल में ईरान को चलाता है. उनके साथ ही बसीज के कमांडर को भी मारने का दावा किया गया. नेतन्याहू ने कहा बसीज तेहरान और दूसरे शहरों में जनता के बीच डर फैलाते थे. नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल वहां लगातार कार्रवाई कर रहा है और हवाई हमले एयर फोर्स के विमानों और ड्रोन के जरिए किए जा रहे हैं. नेतन्याहू ने कहा कि हम ईरान की सत्ता हिला देंगे और इसमें अमेरिका के साथ मिलकर हमले जारी रहेंगे.
न्यूज एजेंसी रायटर्स के मुताबिक, नेतन्याहू ने कहा कि इन हमलों का मकसद ईरान की मौजूदा व्यवस्था को कमजोर करना है, ताकि वहां के लोगों को इसे हटाने का मौका मिल सके. उन्होंने साफ कहा कि यह काम एक साथ नहीं होगा और आसान भी नहीं है, लेकिन अगर लगातार प्रयास जारी रहा तो ईरान के लोगों को अपने भविष्य का फैसला खुद करने का अवसर मिलेगा.
अमेरिका के साथ मिलकर कार्रवाई
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल खाड़ी क्षेत्र में अपने अमेरिकी साथियों की मदद कर रहा है. उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप से इस मुद्दे पर लंबी बातचीत की. उन्होंने बताया कि दोनों देशों की वायु सेना और नौसेना के बीच सहयोग हो रहा है. इजरायल सीधे हमलों के साथ-साथ ऐसे कदम भी उठा रहा है, जिससे ईरान की सरकार पर भारी दबाव बने. उन्होंने कहा कि आगे और भी कई योजनाएं हैं और कई सरप्राइज बाकी हैं, लेकिन इन योजनाओं का पूरा खुलासा अभी नहीं किया जाएगा.
नेतन्याहू ने कहा कि 7 अक्टूबर के बाद जब इजरायल मुश्किल हालात में था और हालात खराब हो गए थे, अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है. उन्होंने कहा कि आज इजरायल एक मजबूत ताकत बन गया है, जो लगभग वैश्विक स्तर पर प्रभाव रखता है.
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल अपने सहयोगी अमेरिका के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहा है, जो एक बड़ी वैश्विक ताकत है. उन्होंने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि आने वाले सभी खतरों के बीच यह सफलता काफी अहम है.