मिडिल ईस्ट में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है. इजरायल ने लेबनान के दक्षिणी इलाकों पर सैकड़ों हवाई हमले किए, जिनका मकसद हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाना था. इस कार्रवाई के तहत हिजबुल्लाह के कमांडर और हथियार डिपो तबाह हुए, जबकि बीरूत के पास एक हमले में 20 से अधिक लोग मारे गए.
इजरायली मिलिट्री स्पोक्सपर्सन ने साफ किया है कि फिलहाल लेबनान में कोई ग्राउंड इनवेजन की योजना नहीं है, हालांकि सीमा पर उनकी मौजूदगी बढ़ा दी गई है.
इजरायल ने कड़ा रुख अपनाते हुए लेबनान को चेतावनी दी है कि यदि हिजबुल्लाह ने अपनी रॉकेट हमले बंद नहीं किए तो और भी भयंकर हमले हो सकते हैं.
लेबनान में आर्थिक संकट के बीच यह संघर्ष लाखों लोगों को प्रभावित कर रहा है. संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है, जबकि अमेरिका ने इजरायल का समर्थन किया है.
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भारत भी इस क्षेत्र के तनाव पर नजर बनाए हुए है क्योंकि मिडिल ईस्ट की स्थिरता वैश्विक ऊर्जा कीमतों और व्यापार पर असर डालती है. फिलहाल कूटनीतिक प्रयास जारी हैं.
इजरायल-अमेरिका vs ईरान युद्ध
आज यरूशलेम और हाइफा शहरों में भी ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जिससे सायरन बज उठे और इजरायल की एंटी मिसाइल सिस्टम ‘आयरन डोम’ ने अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया. इसी के साथ, ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के कई देशों, जिनमें दुबई, ओमान, इराक और बहरीन शामिल हैं, के 27 अमेरिकी ठिकानों को ड्रोन और मिसाइल हमलों से निशाना बनाया.
इजरायल ने हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हवाई हमले तेज कर दिए. इन हमलों में 31 लोग मारे गए और 149 घायल हुए. साथ ही, इजरायल रक्षा बलों (IDF) ने ईरान के कई शीर्ष कमांडरों को मार गिराया और उनकी सूची जारी की. इजरायल ने ईरान को कई दिनों तक युद्ध के लिए पूरी तैयारी बनाए रखने की चेतावनी भी दी.
इधर, अमेरिका के कुवैत में एक F-35 फाइटर जेट क्रैश हो गया, लेकिन पायलट सुरक्षित रहा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को और अधिक घातक हमलों की धमकी दी, बातचीत की पेशकश करते हुए भी कहा कि ईरान को हमला रोकना होगा.
इनपुट: रॉयटर्स