Israel Election 2026 Live, Benjamin Netanyahu, Gadi Eisenkot इजरायल में वोटिंग खत्म हो चुकी है. इस बार 1988 के बाद पहली बार इतनी बंपर वोटिंग हुई है. 7 अक्टूबर, 2023 को हुए हमास हमले और उसके बाद गाजा, लेबनान और ईरान में चली जंग के बाद यह पहला राष्ट्रीय चुनाव है. चुनाव बाद सामने आए एग्जिट पोल में किसी को साफ बहुमत नहीं मिला है.
इस चुनाव पर सभी की नजरें टिकी हैं. इस चुनाव में मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की राजनीतिक किस्मत दांव पर लगी है. इस बार चुनाव में बेंजामिन नेतन्याहू के सामने कई बड़े चेहरे मैदान में हैं. उनके सामने पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट जैसे प्रमुख विपक्षी नेता मजबूती से खड़े हैं. हालांकि, प्रधानमंत्री बनने के लिए बेंजामिन नेतन्याहू और इजराइल डिफेंस फोर्सेज के पूर्व हेड गादी आइज़ेनकोट के बीच कड़ी टक्कर है.
इजरायल में सरकार बनाने के लिए 61 सीटों का बहुमत जरूरी है. चुनावी माहौल में गाजा, हमास पर एक्शन, देश की सुरक्षा, सैन्य सेवा और न्यायिक सुधार सबसे प्रमुख चुनावी मुद्दे बने हुए हैं.
इजरायल चुनाव से जुड़ी पल-पल की अपडेट यहां पढ़ें...
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अरब पार्टियों के समर्थन से सरकार बनाने की संभावना का विरोध किया है. अल जजीरा के मुताबिक, उन्होंने विपक्ष पर अरब पार्टियों के सहारे सरकार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया. नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल में एकजुट ‘जायोनी बहुमत’ होना चाहिए. उन्होंने अरब पार्टियों पर इजरायल के अस्तित्व के खिलाफ होने का आरोप भी लगाया. नेतन्याहू ने कहा कि आप उनके साथ गठबंधन कैसे बना सकते हैं? यह शर्मनाक है और ऐसा नहीं होना चाहिए.
चैनल 12 के अपडेटेड एग्जिट पोल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के गठबंधन को 52 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं, विपक्षी गठबंधन को 49 सीटें मिलती दिख रही हैं. इस बीच अरब पार्टियों की सीटें बढ़कर 19 हो गई हैं. इजरायल की संसद में बहुमत के लिए 61 सीटों की जरूरत है. ऐसे में किसी भी खेमे को साफ बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है.
चैनल 12 के अपडेटेड एग्जिट पोल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के गठबंधन को 52 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं, विपक्षी गठबंधन को 49 सीटें मिलती दिख रही हैं. इस बीच अरब पार्टियों की सीटें बढ़कर 19 हो गई हैं. इजरायल की संसद में बहुमत के लिए 61 सीटों की जरूरत है. ऐसे में किसी भी खेमे को साफ बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है.
इजरायल के केंद्रीय चुनाव आयोग के मुताबिक, इस बार 77.7% मतदान दर्ज किया गया. यह दो दशक से ज्यादा समय में सबसे अधिक है. 2022 के चुनाव के मुकाबले मतदान करीब 7 प्रतिशत अंक ज्यादा रहा. हालांकि, चुनाव के अंतिम नतीजे आने में कई दिन लग सकते हैं.
गादी आइजनकोट ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर निशाना साधा है. तेल अवीव में अपने समर्थकों के बीच उन्होंने कहा कि इजरायली जनता ने नेतन्याहू को प्रधानमंत्री के रूप में नकार दिया है. एक योग्य नेता जनता के अविश्वास को स्वीकार करता और उसी दिन राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान कर देता. उनके इस बयान पर वहां मौजूद समर्थकों ने जमकर सराहना की.
इजरायल चुनाव के एग्जिट पोल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और गादी आइजनकोट के गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला दिख रहा है. कान 11 और चैनल 13 के अनुमान में दोनों खेमे बराबरी पर हैं, जबकि चैनल 12 ने नेतन्याहू के गठबंधन को मामूली बढ़त दी है. किसी भी खेमे को संसद में बहुमत के लिए जरूरी 61 सीटें मिलती नहीं दिख रही हैं. नेतन्याहू के गठबंधन में शामिल इतामार बेन-ग्विर और बेजालेल स्मोट्रिच की दक्षिणपंथी धार्मिक पार्टियों को कुल 13 सीटें मिलने का अनुमान है. नेतन्याहू गठबंधन और आइजनकोट गठबंधन से बाहर की अरब पार्टियां सरकार गठन में अहम भूमिका निभा सकती हैं.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि अभी असली चुनावी नतीजों का इंतजार है. उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी लिकुड इजरायल की सबसे बड़ी पार्टी है. नेतन्याहू ने एक मजबूत दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सरकार बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया है.
इजरायल चुनाव के एग्जिट पोल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और विपक्षी नेता गादी आइजनकोट के गठबंधन के बीच कांटे की टक्कर दिख रही है. किसी भी गठबंधन को 120 सदस्यीय संसद में बहुमत के लिए जरूरी 61 सीटें मिलती नजर नहीं आ रही हैं. ऐसे में सरकार बनाने के लिए लंबी बातचीत करनी पड़ सकती है. चुनाव में नेतन्याहू के गठबंधन को झटका लगता दिख रहा है.