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परमाणु बम का कच्चा माल तीसरे देश में रखने को तैयार! क्या ईरान ने मान ली रूस की बात?

एक रिपोर्ट आई है जिसमें ईरान के संवर्धित यूरेनियम को किसी तीसरे देश में रखने की बात पर अहम बात कही गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों को खत्म करने से साफ इनकार किया है.

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ईरान के पास काफी मात्रा में संवर्धित यूरेनियम है
ईरान के पास काफी मात्रा में संवर्धित यूरेनियम है

अमेरिका के साथ 10 हफ्तों से जारी युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के प्रस्ताव के जवाब में ईरान ने कहा है कि वो अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम के कुछ भंडार को किसी तीसरे देश में ट्रांसफर करने के लिए राजी है. हालांकि, ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों को खत्म करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. ईरान के इस जवाबी प्रस्ताव को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अस्वीकार कर दिया है.

दोनों देशों के बीच तनातनी जारी है और संघर्ष विराम लगातार कमजोर पड़ता दिख रहा है. इसके बावजूद ईरान ने अब तक कोई संकेत नहीं दिया है कि वो युद्ध खत्म करने के लिए ट्रंप के प्लान को स्वीकार करेगा.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रस्ताव दिया था कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही की अनुमति दे जिसके बदले में अमेरिका अगले एक महीने में ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म कर देगा.

जवाब में ईरान ने जो अपना प्रस्ताव भेजा है, उसमें उसने कहा है कि वो अपने कुछ उच्च संवर्धित यूरेनियम को कम संवर्धित करेगा और बाकी हिस्से को किसी तीसरे देश में भेजा जाएगा. द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने मामले से परिचित लोगों के हवाले से यह जानकारी दी है. 

हालांकि, ईरान ने यह भी मांग की कि अगर बातचीत विफल हो जाए तो ट्रांसफर किया गया यूरेनियम वापस लौटाने की गारंटी दी जाए. साथ ही उसने अपने परमाणु ठिकानों को खत्म करने से साफ इनकार कर दिया.

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ईरान का जवाब कई पन्नों में था, जिसमें बातचीत करने वालों ने युद्ध खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट को धीरे-धीरे फिर से खोलने का प्रस्ताव रखा. वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कहा कि ईरान के परमाणु प्रोग्राम के मुद्दे पर दोनों पक्ष अब भी एक-दूसरे से काफी दूर हैं.

ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने परमाणु सामग्री से जुड़े प्रस्तावों पर वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट को गलत बताया, लेकिन इस पर ज्यादा जानकारी नहीं दी.

ईरान के बयान में युद्ध को तुरंत खत्म करने, तेल बिक्री पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध हटाने, ओमान की खाड़ी पर अमेरिकी नाकेबंदी खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट पर ईरानी नियंत्रण की बात पर जोर दिया गया.

रूस ने आगे बढ़कर की थी पेशकश- ईरान का यूरेनियम हम रख लेंगे

अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध खत्म करने की कोशिशों के तहत रूस कई बार यह प्रस्ताव दे चुका है कि वो ईरान का संवर्धित यूरेनियम अपने पास रख लेगा. अप्रैल के महीने में जब अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता विफल हुई, तब भी रूस ने यही प्रस्ताव दिया था.

रूसी राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन की तरफ से कहा गया कि 'रूस भविष्य में ईरान और अमेरिका के बीच होने वाले किसी शांति समझौते के तहत ईरान के संवर्धित यूरेनियम को अपने यहां रखने के लिए तैयार है.'

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क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पत्रकारों से कहा था, 'ईरान का संवर्धित यूरेनियम रखने का प्रस्ताव राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका और क्षेत्रीय देशों दोनों के साथ बातचीत में दिया था. यह प्रस्ताव अब भी कायम है, लेकिन इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.'

ईरान के पास कितना संवर्धित यूरेनियम है?

ईरान के पास करीब 450 किलोग्राम 60% तक संवर्धित यूरेनियम है. इसे कुछ ही हफ्तों में हथियार बनाने लायक संवर्धित किया जा सकता है. इतने यूरेनियम से 10 से ज्यादा परमाणु बम बनाए जा सकते हैं.

रूस पहले से ही एक परमाणु शक्ति है और 2015 के परमाणु समझौते के तहत वो पहले भी ईरान के कम-स्तर के संवर्धित यूरेनियम को अपने पास रख चुका है, इसलिए उसके पास इसे संभालने की तकनीकी क्षमता है.

रूस ने इसी तरह के प्रस्ताव पिछले साल मई में अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता के दौरान भी दिए थे. यह उस समय की बात है जब जून में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करने से पहले बातचीत जारी थी.

ईरान हालांकि, अपने संवर्धित यूरेनियम को बाहर भेजने के खिलाफ है. उसका कहना है कि वो अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी में अपने ही देश में इसे पतला कर सकता है.

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अमेरिका-ईरान के बीच सबसे बड़ा मसला है संवर्धित यूरेनियम 

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे जिसके बाद से युद्ध पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में फैल गया. युद्ध की वजह से ऊर्जा की कीमतों में भारी उछाल आया है.

अगर दोनों पक्ष किसी समझौते पर पहुंचते हैं, तब भी बाद में ईरान के परमाणु प्रोग्राम से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बातचीत करनी होगी, जो अब भी सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है.

ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर सब कुछ तय नहीं हुआ तो अमेरिका 'दूसरा रास्ता' अपना सकता है. इसे प्रोजेक्ट फ्रीडम के दूसरे चरण के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है जिसके तहत अमेरिका ने होर्मुज में ईरान के जहाजों को रोकने और अन्य देशों के जहाजों को सुरक्षा देने की कोशिश की थी.

संघर्ष शुरू होने से पहले दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का तेल और LNG होर्मुज स्ट्रेट से ही गुजरता था.

रविवार को ट्रंप ने कहा कि ईरान अमेरिका और दूसरे देशों के साथ 'गेम' खेल रहा है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, '47 साल से ईरान हमें उलझाए रख रहा है, इंतजार करा रहा है, हमारे लोगों को सड़क किनारे बमों से मार रहा है, विरोध प्रदर्शनों को कुचल रहा है और हाल ही में 42,000 निर्दोष और निहत्थे प्रदर्शनकारियों को मार चुका है. लेकिन अब वो हम पर हंस नहीं पाएगा.'

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इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी चेतावनी दी कि युद्ध 'अभी खत्म नहीं हुआ है.' CBS के कार्यक्रम 60 मिनट्स में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ईरान की परमाणु क्षमता खत्म करने और उसके उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार को हटाने के लिए अभी और काम बाकी है.

8 अप्रैल से संघर्ष विराम लागू होने के बावजूद रविवार को फारस की खाड़ी में कतर के पास ड्रोन हमले में एक कार्गो जहाज में आग लग गई. यह क्षेत्र में शिपिंग पर हुआ ताजा हमला था.

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