ईरान-अमेरिका तनाव के बीच एक बड़ी जानकारी सामने आई है. दरअसल, ईरान ने परमाणु वार्ता के लिए अमेरिका के सामने 5 कड़ी शर्तें रखी हैं. इन शर्तों में युद्ध रोकना, प्रतिबंध हटाना, फ्रीज संपत्ति जारी करना और अन्य अहम मांगें शामिल हैं. ईरान ने साफ कर दिया है कि इन शर्तों के पूरा हुए बिना वह परमाणु डील पर किसी भी तरह की चर्चा को आगे नहीं बढ़ाएगा
अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की पहली और सबसे बड़ी शर्त हर मोर्चे पर चल रही जंग को पूरी तरह खत्म करना है. इसके साथ ही, उसने मांग की है कि ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए जाएं और विदेशी बैंकों में फंसी उसकी संपत्तियों को तुरंत रिलीज किया जाए. इतना ही नहीं, तेहरान चाहता है कि युद्ध में उसे जो भी आर्थिक नुकसान हुआ है, अमेरिका उसकी भरपाई करे. पांचवीं और सबसे अहम शर्त स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर ईरान के संप्रभु अधिकार को मान्यता देना है.
इस पूरे घटनाक्रम के बीच आज यानी बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन की यात्रा पर जा रहे हैं. माना जा रहा है कि इस दौरे पर ईरान-अमेरिका जंग रुकवाने को लेकर कोई बड़ी पहल हो सकती है. हालांकि, असली पेच हॉर्मुज को लेकर फंसा है, जिसे लेकर दोनों देशों में तनातनी और बढ़ सकती है. बता दें कि ईरान के परमाणु प्रोग्राम को ही आधार बनाकर 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने हमला शुरू किया था. फिलहाल भले ही अस्थायी सीजफायर हो, लेकिन सुलह की गुंजाइश अभी कम ही दिख रही है.
इस लड़ाई की असल जड़ परमाणु कार्यक्रम ही है. ईरान जहां पहले प्रतिबंध हटाने और नुकसान की भरपाई जैसे मुद्दों पर समाधान चाहता है, वहीं अमेरिका का रुख यूरेनियम संवर्धन को लेकर काफी सख्त है. अमेरिका की मांग है कि ईरान अपना यूरेनियम भंडार देश से बाहर भेजे और घर में इसे बनाना पूरी तरह बंद करे. अब पूरी दुनिया की नजरें राष्ट्रपति ट्रंप के चीन दौरे और ईरान के इस सख्त स्टैंड पर टिकी हैं.