ईरान के सरकारी टीवी ने हाल के विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की पहली आधिकारिक संख्या जारी की है. इसमें कहा गया है कि विरोध प्रदर्शन में 3,117 लोग मारे गए. वहीं, ईरानी विदेश मंत्री ने तेहरान की खूनी कार्रवाई के बाद अमेरिका के खिलाफ सीधी धमकी दी है. उन्होंने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अगर हम पर फिर से हमला हुआ तो 'हमारे पास जो कुछ भी है, उससे जवाबी कार्रवाई की जाएगी."
विदेश मंत्री अब्बास अराघची की ये टिप्पणियां तब आईं, जब एक अमेरिकी विमानवाहक पोत समूह एशिया से मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहा था.
अमेरिकी लड़ाकू विमान और अन्य उपकरण मिडिल ईस्ट में जाते हुए दिखाई दिए, जब कैरेबियन में एक बड़ी अमेरिकी सैन्य तैनाती के बाद सैनिकों ने वेनेजुएला के निकोलस मादुरो को पकड़ लिया था.
कहां से आया मरने वालों का आंकड़ा?
बुधवार रात को सरकारी टेलीविज़न ने शहीद फाउंडेशन का एक बयान जारी किया, जिसमें मरने वालों की संख्या बताई गई. इसमें कहा गया कि 28 दिसंबर को शुरू हुए प्रदर्शनों में मारे गए 2,427 लोग नागरिक और सुरक्षा बल से संबंधित थे. बाकी के बारे में विस्तार से नहीं बताया गया.
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी ने मरने वालों की संख्या 4,560 बताई है. यह एजेंसी ईरान में प्रदर्शनों के बारे में पिछले कई सालों से सटीक जानकारी देती रही है, जो देश के अंदर कार्यकर्ताओं के एक नेटवर्क पर निर्भर करती है.
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US सीनेटर ने हिटलर से की खामेनेई की तुलना
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा, "ईरान मामले से जुड़े लोगों के बयानों से मैं परेशान था, जिनमें कहा जा रहा था कि अगर अयातुल्ला अपना तरीका बदल लें, तो हम उस सरकार के साथ समझौता कर सकते हैं. जो कोई भी यह मानता है कि अयातुल्ला को अपना तरीका बदलने में थोड़ी भी दिलचस्पी है, वह अयातुल्ला और उस खूनी सरकार के इतिहास को नहीं समझता. यह वैसा ही है, जैसे यह मानना कि कोई हिटलर के साथ डील कर सकता था. वे तब हिटलर के बारे में गलत थे, और वे अब अयातुल्ला के बारे में गलत हैं."
उन्होंने आगे कहा कि एडॉल्फ हिटलर एक ऐसी मास्टर रेस चाहता था जिस पर आर्यों की श्रेष्ठता का राज हो. अयातुल्ला एक धार्मिक नाज़ी हैं, जो एक ऐसा विश्व धर्म चाहते हैं, जिस पर वह राज करे. आप बुराई के साथ डील नहीं कर सकते. आपको उसका सामना करना होगा. इस मामले में, इसका मतलब है ईरान के लोगों के साथ खड़ा होना.
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अराघची ने कॉलम में दी धमकी
अराघची ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल में छपे एक ओपिनियन आर्टिकल में यह धमकी दी है. इसमें, विदेश मंत्री ने दावा किया कि अशांति का हिंसक दौर 72 घंटे से भी कम समय तक चला और हिंसा के लिए फिर से हथियारबंद प्रदर्शनकारियों को दोषी ठहराने की कोशिश की. इंटरनेट बंद होने के बावजूद ईरान से बाहर आए वीडियो में दिख रहा है कि सुरक्षा बल बार-बार निहत्थे प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने के लिए गोलियां चला रहे हैं, जिस बारे में अराघची ने कुछ नहीं कहा.
अराघची ने लिखा, "जून 2025 में ईरान ने जो संयम दिखाया था, उसके उलट, अगर हम पर फिर से हमला होता है, तो हमारी ताकतवर सेना हर मुमकिन जवाब देने से नहीं हिचकिचाएगी."