मिडिल ईस्ट में घोषित दो हफ्ते के सीजफायर के बावजूद हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं. ताजा घटनाक्रम में ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख से फोन पर बातचीत कर ईरान और लेबनान में हो रहे सीजफायर उल्लंघनों पर चर्चा की.
इसी बीच, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी ईरान में एक हर्मीस 900 ड्रोन को मार गिराया है. यह ड्रोन आमतौर पर इज़रायल की सेना इस्तेमाल करती है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.
दूसरी तरफ, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी सीजफायर उल्लंघनों पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि संघर्ष वाले इलाकों में कई जगह सीजफायर टूटने की खबरें आई हैं, जो शांति प्रक्रिया की भावना को कमजोर कर रही हैं.
उन्होंने सभी पक्षों से अपील करते हुए कहा, 'हम सभी से आग्रह करते हैं कि संयम बरतें और तय किए गए दो हफ्तों के सीजफायर का सम्मान करें, ताकि कूटनीति के जरिए इस संकट का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके.'

इसके साथ ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने बताया कि अमेरिका और ईरान का प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुंच रहा है.
शहबाज शरीफ ने एक्स पोस्ट में कहा, 'जैसे ही हम इस्लामाबाद वार्ता की ओर आगे बढ़ रहे हैं. मैं हमारे भाईचारे वाले देशों चीन, सऊदी अरब, तुर्किए, मिस्र और कतर का सच्चे दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने सीजफायर तक पहुंचने और शांतिपूर्ण कूटनीतिक प्रयासों को अंजाम तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया.'
हालांकि जमीनी स्थिति इससे अलग नजर आ रही है. सीजफायर के बाद भी ईरान और इजरायल के बीच हमले जारी हैं. इज़रायली वायुसेना ने स्वीकार किया है कि उसने ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए हैं, जिनका मकसद बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की क्षमता को कम करना था.
इन हमलों के दौरान ईरान के लावन द्वीप स्थित एक ऑयल रिफाइनरी को भी निशाना बनाया गया. इसके जवाब में ईरान ने सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और बहरीन की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं.
इसके अलावा, लेबनान में हिज्बुल्लाह पर इजरायल के हमले भी जारी हैं. इजरायल का कहना है कि लेबनान सीजफायर समझौते में शामिल नहीं था, जबकि ईरान इस दावे को खारिज कर रहा है.