अमेरिका और इजरायल की सेना ने लगातार हवाई हमलों और ड्रोन अटैक के जरिए पूरे ईरान को धुआं-धुआं कर दिया है. राजधानी तेहरान में इजरायली रक्षा बलों (IDF) के लगातार दूसरे दिन सबसे बड़े सैन्य अभियान की वजह से ईरान की कमर टूट चुकी है और उसका राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व पूरी तरह तबाह हो चुका है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि अब ईरान को कौन चलाएगा. इस इस्लामिक देश का नेतृत्व किसके हाथों में होगा.
दरअसल ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में मारे जा चुके हैं जिसके बाद अब वहां सिर्फ हर तरफ धुएं का गुबार, जलती हुई इमारतें, सड़कों पर बेतहाशा चीखते और भागते लोग की तस्वीरें सामने आ रही हैं.
अमेरिका-इजरायल के एयर स्ट्राइक में अब तक कौन-कौन मारा गया ?
लगभग 30 घंटे से जारी अमेरिका और इजरायल के नॉनस्टॉप हमले में अब तक ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के कई लोग, रक्षा मंत्री अमीर नसीरजादेह, ईरानी आर्म्ड फार्सेस के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अब्दुलरहीम मोसावी, IRGC कमांडर-इन-चीफ मोहम्मद पाकपुर, सीनियर सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी, मिलिट्री इंटेलिजेंस चीफ सालाह असदी, सुप्रीम लीडर के मिलिट्री ब्यूरो के प्रमख मोहम्मद शिराजी अब तक मारे जा चुके हैं.
इसके अलावा भी ईरान के 40 सैन्य कमांडर्स और कई राजनीतिक नेता हवाई हमलों में मारे गए हैं. ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के हवाले से ईरानी पुलिस इंटेलिजेंस सेंटर के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल गुलाम रज़ा रज़ाइयान की भी मौत हो चुकी है.
अब किसके हाथों में होगा ईरान का नेतृत्व
अब ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ईरान को कौन चलाएगा. अब अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जो जंग चल रही है उसमें ईरान का नेतृत्व किसके हाथों में होगा. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक अब ईरान का तत्काल नेतृत्व अलीरेजा अराफी को सौंपा गया है. अलीरेजा अराफी को अस्थायी तौर पर नेतृत्व परिषद का न्यायिक सदस्य नियुक्त किया गया है, जिसे सुप्रीम लीडर के दायित्वों को अस्थायी रूप से निभाने का काम सौंपा गया है.
इस बीच ईरान के उपराष्ट्रपति आरिफ ने मंत्रियों और प्रांतों के गवर्नरों को निर्देश दिया है कि युद्धकाल की स्थिति में भी देश का प्रशासन बिना किसी बाधा के चलता रहे. यह जानकारी ईरान के सरकारी मीडिया के हवाले से सामने आई है. वहीं ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने एक बयान में कहा है कि तेहरान बदले को अपना “वैध अधिकार और कर्तव्य” मानता है और इस कर्तव्य को पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा.
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने कहा कि शनिवार को ईरान ने संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल पर मिसाइलें दागी थीं और उन हमलों से नुकसान पहुंच. उन्होंने आगे कहा कि आज ईरान ऐसी ताकत से जवाब देगा जो आज से पहले किसी ने महसूस नहीं किया होगा.
खामेनेई को लेकर IDF ने क्या दावा किया ?
वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के मारे जाने को लेकर IDF ने दावा किया है कि खामेनेई को एक संयुक्त और अचानक किए गए हमले में निशाना बनाया गया. बताया गया है कि वायु सेना के सैकड़ों लड़ाकू विमानों ने ईरानी नेतृत्व के आपातकालीन परिसर को निशाना बनाया और उन्हें खत्म कर दिया. इजरायल की तरफ से यह भी कहा गया है कि वो इज़राइल को नष्ट करने की योजना के संस्थापकों में शामिल थे और मध्य पूर्व में ईरानी समर्थित समूहों, विशेषकर हिज़्बुल्लाह, को मजबूत करने और वित्तीय सहायता देने में उनकी भूमिका थी.