मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका और इजरायल को लेकर बड़ा और सख्त बयान जारी किया है. असल में इजरायल अब भी लेबनान पर हमला कर रहा है. वहीं सऊदी अरब का कहना है कि उसने पिछले कुछ घंटों में 9 ड्रोन को रोका है. इस बीच ईरान के सैन्य संगठन रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कोई विदेशी विमान उनकी हवाई सीमा में प्रवेश करता है तो उसे सीजफायर का उल्लंघन माना जाएगा.
ईरान के सशस्त्र बल ने अपने बयान में कहा कि अगर इजरायल की ओर से कोई हमला होता है, तो अमेरिका को भी जिम्मेदार माना जाएगा. ऐसे में अमेरिका को भी निर्णायक जवाब का सामना करना पड़ेगा. यानी किसी भी इजरायली हमले का बदला अमेरिका से भी लिया जाएगा. इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि अगर अमेरिका या इजरायल की तरफ से दोबारा हमला किया गया, तो इस बार जवाब पहले से कहीं ज्यादा कड़ा और ताकतवर होगा.
बयान में कहा गया कि देश अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा. IRGC ने यह भी ऐलान किया कि वह क्षेत्र में अपने सहयोगी रेजिस्टेंस फ्रंट का समर्थन जारी रखेगा. इसमें लेबनान, फिलिस्तीन, यमन और इराक जैसे इलाके शामिल हैं, जहां ईरान समर्थित समूह पहले से सक्रिय हैं. ईरान लेबनान में हिज्बुल्लाह, फिलिस्तीन में हमास, यमन में हुती और इराक में मौजूद रेजिस्टेंस फ्रंट को अपना पूरा समर्थन जारी रखेगा.
अराघची की भी दो टूक
ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने भी अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर की शर्तें साफ और स्पष्ट हैं. अमेरिका को चुनना होगा या तो सीजफायर या फिर इजरायल के जरिए युद्ध जारी रखना. दोनों चीजें एक साथ नहीं हो सकतीं. पूरी दुनिया लेबनान में हो रहे नरसंहारों को देख रही है. अब गेंद अमेरिका के पाले में है और दुनिया यह देख रही है कि क्या वह अपनी प्रतिबद्धताओं पर अमल करेगा.'
बता दें कि ईरान-अमेरिका में भले 14 दिन तक सीजफायर का दावा किया जा रहा हो, लेकिन इस सीजफायर पर संकट की तलवार लगातार अब भी लटक रही है. कारण, एक तरफ इजरायली रक्षा मंत्री काट्ज ने कहा कि लेबनान में हमलों में हिज़्बुल्लाह के सैकड़ों लड़ाकों को निशाना बनाया गया है. वहीं ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने एक सूत्र के हवाले से कहा है कि अगर लेबनान पर हमला जारी रहता है, तो ईरान संघर्ष-विराम समझौते से पीछे हट जाएगा.
एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में वॉशिंगटन और तेहरान के बीच अस्थाई सीजफायर का ऐलान किया गया है. लगातार मिल रही चेतावनियां इस बात का संकेत हैं कि जरा सी चूक भी बड़े सैन्य टकराव में बदल सकती है. ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में झुकने को तैयार नहीं है और अगर हालात बिगड़ते हैं, तो जवाब भी उसी हिसाब से दिया जाएगा.