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ओमान की खाड़ी बनी 'बदलापुर'! एक जहाज कब्जाया तो ईरान ने कई US जहाजों पर बरसाए ड्रोन

ईरान ने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी जहाजों पर ड्रोन हमले किए है. इस घटना ने क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा दिया है. इससे पहले अमेरिका ने ईरान के एक जहाज पर हमला कर उस पर कब्जा कर लिया था

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ईरान ने अमेरिकी जहाजों पर हमले किए हैं (Photo: Reuters)
ईरान ने अमेरिकी जहाजों पर हमले किए हैं (Photo: Reuters)

ईरानी जहाज पर अमेरिकी कब्जे के बाद इस्लामी शासन ने अमेरिका को जवाबी कार्रवाई की धमकी दी थी. और अब खबर है कि शनिवार की इस घटना के अगले ही दिन रविवार को ईरानी सैनिकों ने ओमान की खाड़ी में कई अमेरिकी जहाजों पर ड्रोन हमले किए.

ईरानी मीडिया और अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ओमान की खाड़ी में अमेरिकी बलों ने ईरानी झंडा लगे एक मालवाहक जहाज पर गोलीबारी की थी और उसे कब्जे में ले लिया था जिसके बाद ईरान ने अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया है.

ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी ने बताया कि अमेरिकी मरीन ने कंटेनर जहाज पर चढ़ाई कर उस पर कब्जा कर लिया जिसके बाद अमेरिकी जहाजों के खिलाफ ईरानी ड्रोन तैनात किए गए. रिपोर्ट में यह साफ नहीं किया गया कि निशाने पर अमेरिका के मिलिट्री जहाज थे या कमर्शियल पोत.

ईरान ने जवाबी कार्रवाई की दी थी धमकी

ईरान ने पहले ही पुष्टि कर दी थी कि अमेरिकी बलों ने उसके जहाज को कब्जे में लिया है और चेतावनी दी थी कि वो जल्द जवाबी कार्रवाई करेगा. ईरान ने इसे सीजफायर का उल्लंघन बताया जो कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से 7 अप्रैल को हुआ था. दो हफ्तों का यह सीजफायर 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है और हालिया तनाव बढ़ने से पहले काफी हद तक यह कायम था.

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ईरान की एक अन्य अर्ध-सरकारी एजेंसी फार्स न्यूज ने बताया कि खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने कहा है कि अमेरिकी बलों ने जहाज को निशाना बनाया, उसका नेविगेशन सिस्टम निष्क्रिय कर दिया और फिर उस पर कब्जा कर लिया. ईरान ने इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताया था.

जहाज ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, ईरानी जहाज TOUSKA 12 अप्रैल को मलेशिया के पोर्ट क्लांग से रवाना हुआ था. ईरान के सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फाघरी ने कहा कि अमेरिकी बलों ने जहाज पर चढ़ने से पहले उस पर गोलीबारी की.

ईरानी जहाज को कब्जे में लेने पर ट्रंप ने क्या कहा था?

इस घटना की घोषणा सबसे पहले रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी. बाद में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि USS स्प्रूएंस ने ईरानी झंडा लगे जहाज को रोका, जिसने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश की थी.

CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी मरीन अब भी जहाज को अमेरिकी हिरासत में रखे हुए हैं. बयान में कहा गया कि जहाज ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह की ओर जा रहा था.

CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो भी जारी किया, जिसमें एक अमेरिकी युद्धपोत को गोली चलाने से पहले जहाज को चेतावनी देते देखा गया.

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