मिडिल ईस्ट में जंग जारी है. ईरान के अलबोर्ज प्रांत से एक चिंताजनक खबर आई है. यहां B1 ब्रिज, जो लगभग बनकर तैयार हो चुका था, अमेरिका-इजरायल के हमले में बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इस हमले के बाद इलाके में बिजली भी गुल हो गई, जिससे आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी थम सी गई. साथ ही स्थानीय मीडिया बता रही है कि इस हमले में दो लोगों की जान चली गई.
पिछले डेढ़ साल से मिडिल ईस्ट आग में जल रहा है. अक्टूबर 2023 में गाजा में इजरायल-हमास युद्ध शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे पूरे इलाके में फैलता गया. इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमले किए, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में जहाज रोकने शुरू किए और ईरान और इजरायल के बीच सीधे मिसाइल हमले भी हो चुके हैं.
ईरान इस पूरे संघर्ष में एक बड़ा खिलाड़ी है. हमास, हिजबुल्लाह और हूती. इन तीनों को ईरान का समर्थन मिलता रहा है. इसीलिए ईरान निशाने पर है.
पश्चिम एशिया का सबसे बड़ा पुल
बताया जा रहा है कि B1 ब्रिज ईरान के उत्तरी करज में स्थित है और यह मिडिल ईस्ट का सबसे बड़ा पुल बनने जा रहा था. इसे बनाने में करीब 400 मिलियन यूएस डॉलर यानि 37 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए. यह पुल 1,050 मीटर लंबा है और इसमें आठ खंड हैं, जिनमें 176 मीटर लंबा एक खंड और 136 मीटर ऊंचे खंभे शामिल हैं.
प्रेस टीवी ने शेयर की तस्वीर
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ईरान का समाचार चैनल प्रेस टीवी ने एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने बताया कि B1 निर्माणाधीन पुल पर हमला हुआ है. जिसकी वजह से इलाके में बिजली संकट पैदा हो गई है.
दो लोगों की मौत
मेहर समाचार एजेंसी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि इजरायल-अमेरिका ने फिर से हमला किया है. एजेंसी का कहना है कि इजरायल-अमेरिका लगातार हमले कर रहा है. पहले हमले के बाद रेस्क्यू करने गई टीम पर हमला कर दिया गया. शुरुआती हमले में दो लोगों की जान चली गई है.
जंग अब सिर्फ फौज तक नहीं रही
अलबोर्ज में पुल पर हमला इस बात की साफ निशानी है कि यह लड़ाई अब सिर्फ सैनिकों और हथियारों तक सीमित नहीं रही. अब सड़कें, बिजलीघर, पुल यानी वो सब कुछ जो एक देश को चलाता है वो भी हमलों की जद में आ रहा है. इसे "इंफ्रास्ट्रक्चर वॉरफेयर" कहते हैं. दुश्मन देश को अंदर से कमजोर करने की रणनीति.
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आम लोग सबसे ज्यादा पीड़ित
बिजली जाने से अस्पताल, स्कूल और घर सब प्रभावित होते हैं. जो पुल बन रहा था, ईरान के लिए बेहद महत्वपूर्ण था. लंबे समय से यह पुल का निर्माण जारी था. और जब यह पुल बनकर लगभग तैयार हो ही गया था तो इसे हमले में उड़ा दिया गया.