तेल की बढ़ती कीमतों के बीच हाल ही में अमेरिका ने ईरान के तेल पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी छूट जारी की. इस छूट के बाद खबर आ रही थी कि भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ईरान के साथ तेल खरीद की डील की है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट में बताया गया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ईरान का 50 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा है.
हालांकि, इस खबर के सामने आने के तुरंत बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इसका खंडन किया है. रिलायंस ने ईरान से तेल खरीद को लेकर फिलहाल किसी तरह की डील करने से इनकार किया है.
इससे पहले आई रिपोर्ट में एक सूत्र ने बताया कि इस कच्चे तेल की कीमत वैश्विक क्रूड बेंचमार्क ब्रेंट फ्यूचर्स के मुकाबले करीब 7 डॉलर प्रति बैरल अधिक पर तय की गई.
हाल के वर्षों में चीन की रिफाइनरियां भारी मात्रा में ईरानी तेल खरीदती रही हैं. ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते चीन तक यह तेल ब्लैक मार्केट के जरिए पहुंचता है और अक्सर इसे किसी दूसरे देश के तेल के रूप में रीब्रांड कर बेचा जाता है.
अमेरिका ने ईरान के तेल पर दी है 30 दिनों की अस्थायी छूट
अमेरिकी प्रशासन ने शुक्रवार को समुद्र में पहले से मौजूद ईरानी तेल की खरीद के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट दी थी. यह छूट उन सभी जहाजों पर लदे तेल पर लागू होती है, जो 20 मार्च तक लोड हो चुके हैं और 19 अप्रैल तक बंदरगाहों पर उतारे जाएंगे.
भारत ने मई 2019 के बाद से ईरानी तेल की खरीद नहीं की है. ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते भारत ने ईरान से तेल खरीद बंद कर दी थी.
दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल आयातक और उपभोक्ता भारत मिडिल ईस्ट में युद्ध के चलते तेल और गैस की किल्लत झेल रहा है. भारतीय रिफाइनरियों ने इस महीने सप्लाई की कमी को कम करने के लिए अमेरिका की छूट के बाद 4 करोड़ बैरल से ज्यादा रूसी कच्चा तेल खरीदा है.