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छूट मिलते ही भारत ने खरीद लिया इतना ईरानी तेल! होर्मुज पार कर कब आएगा कार्गो

अमेरिकी प्रतिबंधों में अस्थायी राहत मिलने के बाद भारत की कंपनियों ने ईरान से तेल की खरीद शुरू कर दी है. भारत की एक कंपनी ने ईरान से भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीदा है. हालांकि, यह तेल काफी महंगा पड़ रहा है.

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भारत 2019 के बाद से पहली बार ईरान का तेल खरीद रहा है (File Photo: Reuters)
भारत 2019 के बाद से पहली बार ईरान का तेल खरीद रहा है (File Photo: Reuters)

तेल की बढ़ती कीमतों के बीच हाल ही में अमेरिका ने ईरान के तेल पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी छूट जारी की. इस छूट के बाद भारत ने ईरान से तेल खरीद को लेकर पहली डील कर ली है. यह डील 50 लाख बैरल कच्चे तेल की खरीद को लेकर हुई है. हालांकि, यह सौदा भारत को काफी महंगा पड़ा है.

दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स का संचालन करने वाली भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ईरान के साथ तेल खरीद की डील की है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ईरान का 50 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा है. 

एक सूत्र ने बताया कि इस कच्चे तेल की कीमत वैश्विक क्रूड बेंचमार्क ब्रेंट फ्यूचर्स के मुकाबले करीब 7 डॉलर प्रति बैरल अधिक पर तय की गई.

हाल के वर्षों में चीन की रिफाइनरियां भारी मात्रा में ईरानी तेल खरीदती रही हैं. ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते चीन तक यह तेल ब्लैक मार्केट के जरिए पहुंचता है और अक्सर इसे किसी दूसरे देश के तेल के रूप में रीब्रांड कर बेचा जाता है.

अमेरिका ने ईरान के तेल पर दी है 30 दिनों की अस्थायी छूट 

अमेरिकी प्रशासन ने शुक्रवार को समुद्र में पहले से मौजूद ईरानी तेल की खरीद के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट दी थी. यह छूट उन सभी जहाजों पर लदे तेल पर लागू होती है, जो 20 मार्च तक लोड हो चुके हैं और 19 अप्रैल तक बंदरगाहों पर उतारे जाएंगे.

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ईरानी कंपनी के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज का समझौता भारत की मई 2019 के बाद ईरानी तेल की पहली खरीद है. ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते भारत ने ईरान से तेल खरीद बंद कर दी थी.

दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल आयातक और उपभोक्ता भारत ने ईरान से तेल की यह खरीद ऐसे समय में की है जब मिडिल ईस्ट में युद्ध के चलते तेल की किल्लत हो रही है. भारतीय रिफाइनरियों ने इस महीने सप्लाई की कमी को कम करने के लिए अमेरिका की छूट के बाद 4 करोड़ बैरल से ज्यादा रूसी कच्चा तेल खरीदा है.

सूत्रों के अनुसार, भारत के साथ-साथ एशिया के अन्य देश भी ईरान का कच्चा तेल खरीदने पर विचार कर रहे हैं. हालांकि, चीन की प्रमुख रिफाइनिंग कंपनी Sinopec के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा कि कंपनी ईरानी तेल खरीदने की योजना नहीं बना रही है.

होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत कब आएगा तेल टैंकर?

ईरान का कच्चा तेल भारत तक आम तौर पर समुद्री रास्ते से पहुंचता है, और इसका सबसे अहम मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है.

हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि भारत ने ईरान से जो तेल खरीदा है, उसकी डिलीवरी कब होगी.

ईरान के तेल टर्मिनल (जैसे खार्ग द्वीप) से तेल टैंकर निकलते हैं. ये टैंकर पहले दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज से गुजरते हैं. इसके बाद जहाज अरब सागर के जरिए सीधे भारत के पश्चिमी तट (जैसे गुजरात के जामनगर, मुंबई आदि बंदरगाह) तक पहुंचते हैं.

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अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच ईरान ने इस समुद्री रास्ते को बंद कर रखा है. हालांकि, भारत जैसे कुछ देशों के कुछ टैंकरों को इस रास्ते से गुजरने की इजाजत मिली हुई है. 

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