पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) प्रमुख इमरान खान को मंगलवार तड़के रावलपिंडी की अदियाला जेल से इस्लामाबाद के पिम्स (PIMS) अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों के अनुसार, इमरान खान 'राइट सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन' (CRVO) नाम की बीमारी से जूझ रहे हैं, जिससे उनकी आंखों की रोशनी पर असर पड़ा है.
अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, इमरान खान को एंटी-वीईजीएफ (Anti-VEGF) इंट्राविट्रियल इंजेक्शन की दूसरी खुराक दी गई. इससे पहले उन्हें 24 जनवरी को पहली डोज दी गई थी.
डॉक्टरों के एक विशेष बोर्ड, जिसमें हृदय रोग विशेषज्ञ और फिजिशियन शामिल थे, ने पहले उनके दिल की जांच (ECG और ईको) की और रिपोर्ट सामान्य आने के बाद ही आंखों के इलाज का प्रोसीजर शुरू किया. यह एक 'डे-केयर' सर्जरी थी, जिसके बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया.
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पीटीआई और परिवार ने उठाए सवाल
इमरान खान की बहन अलीमा खानम और उनकी पार्टी पीटीआई ने इस पूरी प्रक्रिया की गोपनीयता पर गंभीर सवाल उठाए हैं. अलीमा खानम ने कहा, "हमें सरकारी अस्पतालों की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं है. हमें बिना बताए आधी रात को उन्हें अस्पताल क्यों ले जाया गया?" पीटीआई ने मांग की है कि इमरान खान का इलाज उनके निजी अस्पताल 'शफा इंटरनेशनल' में कराया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे.
संसदीय कार्य मंत्री तारिक फजल चौधरी ने स्पष्ट किया कि सरकार मानवीय आधार पर इमरान खान को सभी कानूनी चिकित्सा सुविधाएं दे रही है. उन्होंने बताया कि पहली खुराक के बाद खान की नजर में सुधार हुआ है और अब तीसरी डोज 24 मार्च को दी जाएगी.