जम्मू-कश्मीर के मसले पर दुनियाभर में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने अब एक नई शुरुआत की है. इमरान खान ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है कि पाकिस्तान, तुर्की और मलेशिया तीनों मिलकर एक अंग्रेजी चैनल की शुरुआत करेंगे, जिसके जरिए दुनिया में फैले ‘इस्लामोफोबिया’ के द्वारा उठ रही चुनौतियों का सामना किया जाएगा. साथ ही दुनिया को इस्लाम का पाठ पढ़ाया जाएगा.
अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने पहुंचे पाकिस्तानी पीएम ने बुधवार को दो ट्वीट किए और इस बात की जानकारी दी. इमरान खान ने लिखा कि उन्होंने आज तुर्की के राष्ट्रपति और मलेशिया के प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी.
Misperceptions which bring people together against Muslims would be corrected; issue of blasphemy would be properly contextualized; series & films would be produced on Muslim history to educate/inform our own people & the world; Muslims would be given a dedicated media presence.
— Imran Khan (@ImranKhanPTI) September 25, 2019
इमरान खान ने कहा कि इसके जरिए मुसलमानों के नाम पर जो गलतफहमियां फैलाई गई हैं उन्हें सुधारा जाएगा, ईशनिंदा के मुद्दे से निपटा जाएगा. इस चैनल पर इस्लाम का इतिहास समझाया जाएगा और लोगों को इसके बारे में बताया जाएगा. अब मुसलमानों को मीडिया में एक सही स्पेस दिया जाएगा.
आपको बता दें कि इमरान खान का ये बयान तब आ रहा है जब उन्होंने खुद ही इस बात को कबूल किया है कि पाकिस्तानी सेना, ISI आतंकियों को ट्रेनिंग देती रही है. ऐसे में अगर पाकिस्तान की सरकार ही इस्लाम का गलत इस्तेमाल करने में सबसे आगे रही हो, तो इस तरह का एक चैनल शुरू करना हास्यास्पद लगता है. जिसकी आलोचना सोशल मीडिया पर भी हो रही है.
गौरतलब है कि पाकिस्तानी पीएम इमरान खान अभी अमेरिका के दौरे पर हैं, जहां वह लगातार कई कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं. इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की. इमरान खान लगातार जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठा रहे हैं, हालांकि इस मसले पर उन्हें किसी तरह की कामयाबी नहीं मिल रही है.
दुनिया के अधिकतर देश जम्मू-कश्मीर के मसले पर भारत के साथ हैं और भारत के फैसले को सही ठहरा रहे हैं. साथ ही साथ अधिकतर देशों ने आतंकवाद के मसले पर पाकिस्तान की आलोचना की है.