होर्मुज स्ट्रेट को लेकर जारी वैश्विक तनाव के बीच अब यूरोप की तरफ से एक बड़ा कूटनीतिक कदम सामने आया है. ब्रिटेन और फ्रांस ने मिलकर इस अहम समुद्री रास्ते को खोलने और वैश्विक शिपिंग को सुरक्षित बनाने के लिए एक मल्टीनेशनल प्लान तैयार करना शुरू कर दिया है. इस दिशा में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्म ने 40 से ज्यादा देशों की एक बड़ी समिट बुलाने का ऐलान किया है.
स्टार्मर ने साफ कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का बंद होना पूरी दुनिया के लिए नुकसानदेह है. उनके मुताबिक, "ग्लोबल शिपिंग का रुकना सीधे तौर पर महंगाई और कॉस्ट ऑफ लिविंग पर असर डाल रहा है." यही वजह है कि अब ब्रिटेन और फ्रांस मिलकर एक ऐसा कोऑर्डिनेटेड, इंडिपेंडेंट और मल्टीनेशनल प्लान तैयार कर रहे हैं, जिससे युद्ध खत्म होने के बाद इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह सुरक्षित और चालू रखा जा सके.
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यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट पर ब्लॉकेड लगाने की बात कर रहे हैं. ट्रंप का दावा था कि उनके सहयोगी देश भी इस रणनीति में शामिल होंगे, लेकिन ब्रिटेन ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह न तो इस ब्लॉकेड का समर्थन करेगा और न ही ईरान के खिलाफ किसी सैन्य कार्रवाई में हिस्सा लेगा.
किएर स्टार्मर ने BBC से बातचीत में दोहराया कि उनका फोकस सिर्फ स्ट्रेट को खुलवाने पर है, न कि जंग में शामिल होने पर. उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन पर इस मामले में काफी दबाव है, लेकिन बिना "स्पष्ट कानूनी आधार" और ठोस योजना के वह किसी भी सैन्य कदम का हिस्सा नहीं बनेंगे.
ब्रिटेन पहले से ही इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बनाए हुए है. उसके माइनस्वीपर जहाज खाड़ी में तैनात हैं, जिनका मकसद समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखना है. हालांकि, स्टार्मर ने यह भी स्पष्ट किया कि यह तैनाती किसी युद्ध का हिस्सा बनने के लिए नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को सुचारू रखने के लिए है.
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ब्रिटेन और फ्रांस की यह पहल इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि यह अमेरिका की रणनीति से अलग एक रास्ता दिखाती है. जहां अमेरिका दबाव और सैन्य ताकत के जरिए समस्या का हल निकालना चाहता है, वहीं यूरोपीय देश कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए समाधान तलाश रहे हैं. 40 देशों की प्रस्तावित यह समिट इस बात का संकेत है कि वैश्विक स्तर पर कई देश होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ते तनाव से चिंतित हैं और किसी बड़े सैन्य टकराव से बचना चाहते हैं.