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भारत के इस अरब दोस्त ने दिया बड़ा सिग्नल, होर्मुज बायपास से दुनिया में आसानी से पहुंचाएगा तेल

UAE ने होर्मुज स्ट्रेट को बायपास करने वाले अपने बड़े ऑयल पाइपलाइन प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ा दिया है. ADNOC प्रमुख सुल्तान अल जाबेर ने बताया कि यह प्रोजेक्ट अब 50% पूरा हो चुका है. इसके जरिए UAE बिना होर्मुज से गुजरे दुनिया तक तेल पहुंचा सकेगा.

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UAE वेस्ट-ईस्ट पाइपलाइन पर काम कर रहा है. (Photo- ITG)
UAE वेस्ट-ईस्ट पाइपलाइन पर काम कर रहा है. (Photo- ITG)

ईरान युद्ध के बाद दुनिया की सबसे अहम तेल सप्लाई रूट माने जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट पर संकट गहराता जा रहा है. इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने बड़ा दावा किया है कि उसका नया वेस्ट-ईस्ट ऑयल पाइपलाइन प्रोजेक्ट करीब 50% पूरा हो चुका है. यह प्रोजेक्ट खास तौर पर होर्मुज स्ट्रेट को बायपास करने के लिए बनाया जा रहा है ताकि भविष्य में खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने पर भी तेल सप्लाई जारी रह सके.

UAE की सरकारी तेल कंपनी ADNOC के प्रमुख सुल्तान अल जाबेर ने कहा कि मौजूदा हालात ने साबित कर दिया है कि दुनिया की बहुत ज्यादा ऊर्जा सप्लाई कुछ चुनिंदा "चोक पॉइंट्स" पर निर्भर है. उन्होंने कहा कि इसी खतरे को देखते हुए UAE ने वर्षों पहले ऐसी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का फैसला किया था जो होर्मुज के बिना भी तेल एक्सपोर्ट कर सके.

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यह नया पाइपलाइन प्रोजेक्ट फुजैराह पोर्ट तक तेल पहुंचाएगा, जो ओमान की खाड़ी के किनारे स्थित है और सीधे अरब सागर से जुड़ा है. इससे UAE को बिना होर्मुज स्ट्रेट में प्रवेश किए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक तेल भेजने में मदद मिलेगी. ADNOC के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट का मकसद 2027 तक फुजैराह के जरिए एक्सपोर्ट क्षमता को दोगुना करना है.

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फिलहाल UAE के पास ADCOP पाइपलाइन पहले से मौजूद है, जो प्रतिदिन करीब 18 लाख बैरल कच्चा तेल होर्मुज को बायपास करके ट्रांसफर कर सकती है. लेकिन मौजूदा युद्ध और समुद्री तनाव के बाद UAE इस नेटवर्क को और मजबूत करने में जुट गया है.

सुल्तान अल जाबेर ने चेतावनी दी कि अगर आज दुनिया ने समुद्री व्यापार की स्वतंत्रता की रक्षा नहीं की, तो आने वाले वर्षों में इसका भारी आर्थिक असर झेलना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि भले ही युद्ध कल खत्म हो जाए, लेकिन होर्मुज के जरिए तेल सप्लाई को पूरी तरह सामान्य होने में 2027 तक का समय लग सकता है.

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ADNOC चीफ ने यह भी खुलासा किया कि युद्ध के दौरान UAE पर 3,000 से ज्यादा मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए, जिनमें ADNOC की सुविधाएं भी निशाने पर थीं. कई जगह नुकसान का आकलन अभी जारी है और कुछ ऑपरेशंस को पूरी तरह बहाल होने में महीनों लग सकते हैं.

इस बीच UAE ने OPEC से बाहर निकलने के अपने फैसले को भी "रणनीतिक और संप्रभु निर्णय" बताया. अल जाबेर ने कहा कि दुनिया में ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है और भविष्य में AI जैसी नई टेक्नोलॉजी बिजली और ऊर्जा की खपत को और ज्यादा बढ़ा देंगी. उनके मुताबिक, आने वाले समय में ऊर्जा सुरक्षा ही वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी लड़ाई बनने वाली है.

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