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ईरान के पूर्व विदेश मंत्री कमाल खराजी की मौत, तेहरान में हुए हवाई हमले में बुरी तरह हो गए थे घायल

तेहरान में पिछले हफ्ते हुए हवाई हमले में घायल ईरान के पूर्व विदेश मंत्री कमाल खराजी का गुरुवार रात निधन हो गया. खराजी 1997 से 2005 तक विदेश मंत्री रहे थे और उन्हें परमाणु बम पर दिए गए उनके बयानों के लिए भी याद किया जाता है. इसी हमले में उनकी पत्नी की भी मौत हो गई थी.

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परमाणु बम पर बयान देकर चर्चा में आए ईरानी नेता खराजी नहीं रहे (Photo: x. @airnewsalerts)
परमाणु बम पर बयान देकर चर्चा में आए ईरानी नेता खराजी नहीं रहे (Photo: x. @airnewsalerts)

ईरान के दिग्गज नेता और पूर्व विदेश मंत्री कमाल खराजी अब इस दुनिया में नहीं रहे. पिछले हफ्ते तेहरान में उनके घर पर हुए एक जोरदार हवाई हमले में वह बुरी तरह जख्मी हो गए थे,  जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसी हमले में उनकी पत्नी की भी जान चली गई थी. खराजी को ईरान की राजनीति का बहुत बड़ा चेहरा माना जाता था और उनकी मौत को तेहरान के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है.

कमाल खराजी का राजनीतिक सफर काफी प्रभावशाली रहा है. न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, वह ईरान के सुधारवादी राष्ट्रपति मोहम्मद खातमी के समय विदेश मंत्री के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके थे. इसके अलावा, उन्होंने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के विदेश मामलों के सलाहकार के रूप में भी अहम भूमिका निभाई थी. 1997 से 2005 तक विदेश मंत्री रहने के अलावा, उन्होंने 'एक्सपीडिएंसी डिस्सर्नमेंट काउंसिल' जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं में भी काम किया था.

खराजी अपने बेबाक बयानों के लिए भी जाने जाते थे, जिसकी वजह से वह अक्सर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में रहते थे. साल 2022 में उन्होंने न्यूज नेटवर्क अल जजीरा से बातचीत में एक ऐसी बात कही थी जिसने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया था. खराजी ने दावा किया था कि तेहरान के पास परमाणु बम बनाने की तकनीकी क्षमता तो है, लेकिन ईरान ने फिलहाल इसे बनाने का कोई फैसला नहीं किया है. उनके इस बयान के बाद ईरान की परमाणु मंशा को लेकर पश्चिमी देशों में हड़कंप मच गया था.

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तेहरान स्थित उनके आवास पर हुआ यह हमला उस समय हुआ जब इलाके में तनाव काफी बढ़ा हुआ था. हवाई हमले में घर को सीधा निशाना बनाया गया था, जिसमें उनकी पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि खराजी कई दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच झूलते रहे. आखिरकार, घावों के गहरा होने की वजह से उनकी मौत हो गई. उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद से ही ईरान के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है.

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