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चीन-रूस 'मौज' में, टैरिफ से गरीब होंगे अमेरिका-यूरोप... पश्चिमी देशों की लड़ाई पर EU की चेतावनी

EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते मतभेदों पर चेतावनी दी और कहा कि सहयोगियों की फूट से चीन और रूस को फायदा हो रहा है. टैरिफ से साझा समृद्धि कमजोर होगी और यूक्रेन युद्ध से ध्यान भटकना खतरनाक साबित हो सकता है.

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EU ने चेतावनी दी कि सहयोगियों की फूट से चीन-रूस को फायदा होगा.
EU ने चेतावनी दी कि सहयोगियों की फूट से चीन-रूस को फायदा होगा.

यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक और यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कैलास ने अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते मतभेदों को लेकर कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने साफ कहा है कि सहयोगी देशों के बीच फूट का सबसे ज्यादा फायदा चीन और रूस को हो रहा है.

काजा कैलास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया और लिखा कि मौजूदा हालात में चीन और रूस 'मौज कर रहे होंगे', क्योंकि सहयोगी देशों के बीच आपसी मतभेद उनके हित में जा रहे हैं.

'सहयोगियों की लड़ाई से मजबूत हो रहे चीन और रूस'

EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने कहा, चीन और रूस इस वक्त खूब फायदा उठा रहे होंगे. सहयोगी देशों के बीच फूट का सबसे ज्यादा लाभ इन्हीं को मिलता है. उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि पश्चिमी देशों की एकजुटता कमजोर हुई तो इसका सीधा फायदा उन ताकतों को मिलेगा, जो वैश्विक व्यवस्था को चुनौती दे रही हैं.

'ग्रीनलैंड की सुरक्षा NATO के भीतर सुलझाई जा सकती'

काजा कैलास ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर चल रही बहस पर भी बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि अगर ग्रीनलैंड की सुरक्षा को कोई खतरा है तो इस मुद्दे को NATO के भीतर रहकर ही सुलझाया जा सकता है. उनका कहना था कि अलग-अलग मंचों पर बयानबाजी करने या विवाद बढ़ाने की बजाय सहयोगी देशों को NATO फ्रेमवर्क में समाधान तलाशना चाहिए.

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'टैरिफ से यूरोप और अमेरिका दोनों को नुकसान'

EU की इस शीर्ष नेता ने टैरिफ वॉर को लेकर भी अमेरिका को इशारों में आगाह किया. काजा कैलास ने कहा कि टैरिफ लगाने से यूरोप और अमेरिका दोनों गरीब होंगे, इससे साझा समृद्धि कमजोर पड़ेगी और ट्रांस-अटलांटिक रिश्तों में दरार और गहरी होगी. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि व्यापारिक टकराव सहयोगी देशों की आर्थिक ताकत को ही कमजोर करता है, जिसका फायदा विरोधी शक्तियां उठाती हैं.

'यूक्रेन युद्ध से ध्यान भटकने ना पाए'

काजा कैलास ने सबसे अहम बात यूक्रेन युद्ध को लेकर कही. उन्होंने कहा कि यूरोप और अमेरिका के बीच किसी भी तरह का विवाद रूस के खिलाफ चल रही रणनीतिक लड़ाई से ध्यान नहीं भटकाना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा, हमारा मुख्य लक्ष्य रूस के यूक्रेन पर युद्ध को खत्म कराने में मदद करना है और आपसी मतभेद इस लक्ष्य में बाधा नहीं बनने चाहिए.

EU को क्यों बयान देना पड़ा?

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे पर यूरोप के कई सहयोगी देशों पर सीधे आर्थिक हमला कर दिया. ट्रंप ने डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन समेत कई यूरोपीय देशों पर 10% टैरिफ लगाने का ऐलान किया, जो आगे चलकर 25% तक बढ़ाने की धमकी से जुड़ा है.

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ट्रंप ग्रीनलैंड को लेकर राष्ट्रीय और वैश्विक सुरक्षा का तर्क दे रहे हैं और साफ कह चुके हैं कि अगर डील नहीं हुई तो टैरिफ जारी रहेंगे. इससे अमेरिका-यूरोप रिश्तों में दरार, NATO सहयोगियों में तनाव और पश्चिमी एकजुटता कमजोर होने का खतरा पैदा हो गया.

यही वजह है कि EU नेतृत्व एंटोनियो कोस्टा ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त EU जवाब की बात की. उर्सुला फॉन डेर लेयेन ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ एकजुटता जताई.

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