अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि उनके और पीएम मोदी के बीच रिश्ते अच्छे हैं, लेकिन इस समय पीएम मोदी उनसे खुश नहीं हैं. ट्रंप के मुताबिक, इसकी वजह यह है कि भारत रूस से तेल खरीद रहा है, जिस कारण उसे ऊंचे टैरिफ चुकाने पड़ रहे हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बैठक का जिक्र करते हुए दावा किया कि पीएम मोदी ने उनसे मिलने के लिए खुद समय मांगा था. अमेरिकी राष्ट्रपति ने रक्षा सहयोग पर भी बात की और कहा कि भारत कई सालों से अपाचे हेलिकॉप्टरों का इंतजार कर रहा था. उन्होंने कहा, "हम इसे बदल रहे हैं. भारत ने 68 अपाचे हेलिकॉप्टर ऑर्डर किए हैं."
इससे पहले एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा था, "प्रधानमंत्री मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं. वह एक अच्छे व्यक्ति हैं. उन्हें पता है कि मैं खुश नहीं हूं. मुझे खुश करना जरूरी है." ट्रंप ने अपने पहले के बयान में कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार होता है, लेकिन अमेरिका चाहे तो भारत पर बहुत तेजी से टैरिफ बढ़ा सकता है.
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ट्रंप ने पहले कहा था, "वे (भारत) व्यापार करता है और हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं." इससे पहले भी ट्रंप संकेत दे चुके हैं कि भारत पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी जानते हैं कि रूसी तेल की खरीद को लेकर वह खुश नहीं हैं. ट्रंप का यह भी कहना रहा है कि अमेरिका उन देशों के खिलाफ सख्त कदम उठा सकता है जो रूस से व्यापार जारी रखे हुए हैं.
ट्रंप ने भारत पर लगाए थे टैरिफ पर टैरिफ
पिछले साल ट्रंप ने टैरिफ को लेकर भारत के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया था. उन्होंने भारत पर 25 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था. इसके अलावा रूसी तेल खरीदने को लेकर 25 फीसदी का अतिरिक्त पेनल्टी टैरिफ भी लगाया गया था. इस तरह कुछ श्रेणियों में कुल शुल्क 50 फीसदी तक पहुंच गया था. इस फैसले के बाद भारत और अमेरिका के रिश्तों में खासी तल्खी देखने को मिली थी. भारत ने उस समय साफ किया था कि वह अपने राष्ट्रीय हितों और ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखकर फैसले करता है.
पीएम मोदी और ट्रंप के बीच फोन कॉल
ट्रंप की हालिया चेतावनियां ऐसे समय आई है जब कुछ ही हफ्ते पहले ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर बातचीत हुई थी. उस बातचीत में दोनों नेताओं ने मौजूदा टैरिफ तनाव के बावजूद द्विपक्षीय व्यापार को आगे बढ़ाने और सहयोग की रफ्तार बनाए रखने पर जोर दिया था. यह फोन कॉल उसी दिन हुई थी, जब भारत और अमेरिका के वार्ताकारों ने टैरिफ विवाद को सुलझाने के लिए नई दौर की बातचीत शुरू की थी.
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फोन कॉल से कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने भारतीय चावल को लेकर तीखा बयान दिया था. व्हाइट हाउस में हुई एक राउंडटेबल बैठक के दौरान एक अमेरिकी किसान प्रतिनिधि ने भारत, चीन और थाईलैंड पर डंपिंग का आरोप लगाया था. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट से सवाल किया, "भारत को ऐसा करने की इजाजत क्यों है? उन्हें टैरिफ देना होगा. क्या उन्हें चावल पर कोई छूट मिली हुई है?"
टैरिफ की समस्या दो मिनट में सुलझ जाएगी- ट्रंप
जब उन्हें बताया गया कि भारत के साथ एक व्यापार समझौते पर काम चल रहा है, तो ट्रंप ने कहा, "लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए. हम इसे सुलझा लेंगे. टैरिफ दो मिनट में समस्या सुलझा देते हैं."
फिलहाल भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ विवाद सुलझाने को लेकर बातचीत अटकी हुई है. वॉशिंगटन अमेरिकी कृषि उत्पादों पर भारत द्वारा लगाए जाने वाले ऊंचे आयात शुल्क को लेकर खासा दबाव बना रहा है. अमेरिका चाहता है कि भारत अपने बाजार को अमेरिकी किसानों के लिए और ज्यादा खोले. दूसरी ओर, भारत का रुख रहा है कि अपने किसानों और घरेलू कृषि हितों की अनदेखी नहीं कर सकता.