The Election Commission will release the draft voter list today as part of the ongoing SIR process in Uttar Pradesh निर्वाचन आयोग (ECI) आज विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है. यह ड्राफ्ट सूची पहले 31 दिसंबर को प्रकाशित की जानी थी, लेकिन अब संशोधित कार्यक्रम के अनुसार इसे आज आयोग की वेबसाइट पर पब्लिश किया गया है. रिवीजन के बाद यूपी में वोटर लिस्ट से 2.89 करोड़ नाम कटेंगे.
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक तय की गई है. वहीं, 6 जनवरी से 27 फरवरी 2026 तक नोटिस अवधि के दौरान प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़े सभी गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) प्राप्त कर लिए गए हैं और उनका डिजिटलीकरण भी पूरा कर लिया गया है. संशोधित समय-सारिणी के अनुसार ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद नागरिकों को एक महीने का समय मिलेगा, जिसमें वे नाम जोड़ने, संशोधन कराने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे. निर्वाचन आयोग के अनुसार, उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को प्रकाशित की जाएगी. आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे ड्राफ्ट सूची में अपना नाम जरूर जांचें और किसी भी तरह की त्रुटि या नाम छूटने की स्थिति में तय समयसीमा के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज कराएं.
UP की Voter List से कहीं आपका नाम तो नहीं कटा? 5 स्टेप्स फॉलो कर ऐसे चेक करें अपना नाम
जिन लोगों के नाम लिस्ट में नहीं हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है. चुनाव आयोग ने 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का समय दिया है. यदि किसी पात्र मतदाता का नाम कट गया है, तो वह फॉर्म-6 भरकर अपना नाम दोबारा जुड़वा सकता है. 27 फरवरी तक इन आपत्तियों का निस्तारण होगा और 6 मार्च 2026 को फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी.
यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया, '15 करोड़ के ऊपर जो मतदाता थे उसमें उन्होंने खुद या परिवार के किसी ने हस्ताक्षर करके दिया वह थे. पुरानी मतदाता सूची का लगभग 81 प्रतिशत लोगों ने साइन करके वापस किया और जिन्होंने नहीं दिया वह लगभगत 18 प्रतिशत हैं. जिन्होंने नहीं दिए वापस फॉर्म उनके कई कारण थे. मृतक वोटरों की संख्या 46.23 लाख थी और स्थांतरित, यानि शिफ्ट करके जो वोटर चले गए हैं उनकी संख्या 2.17 करोड़ है. वहीं जो एक से ज्यादा स्थान पर नाम दर्ज पाए गए 25.47 लाख थे.जिनका नाम ड्राफ्ट में नहीं आया वह कुल 2.89 करोड़ हैं.'
यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि एसआईआर के बाद 2 करोड़ 89 लाख वोटरों के नाम कट गए हैं. यूपी में एसआईआर के बाद 12 करोड़ 55 लाख से ज्यादा वोटर हैं. रिवीजन के बाद कुल 46 लाख वोटर मृत पाए गए.
विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के बाद उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम कटने की संभावना है. यह आंकड़ा उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची का 18.70% है. इस महीने की शुरुआत में प्रकाशित 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर नजर डालें, तो उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक नाम हटाए जाने की संभावना है, जबकि तमिलनाडु (15%) और गुजरात (14.5%) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहेंगे.
चुनाव आयोग का तर्क है कि मतदाता सूची में हर वर्ष होने वाले संशोधनों से अब उन त्रुटियों को दूर नहीं किया जा सकता जिन्हें वह पुरानी डेटा संबंधी समस्याएं कहता है. ये त्रुटियां इसलिए उत्पन्न हुई हैं क्योंकि भारत में 2002-2004 के बाद से देशव्यापी घर-घर जाकर मतदाता सूचियों का संशोधन नहीं हुआ है. इन दो दशकों में, विभिन्न राज्यों की मतदाता सूचियों में काफी त्रुटियां जमा हो गई हैं. इनमें ऐसे मतदाता शामिल हैं जिनका निधन हो चुका है, जो स्थायी रूप से किसी और राज्य में स्थानांतरित हो चुके हैं, जो अपने ही राज्य के किसी अन्य जिले या शहर में शिफ्ट हो चुके हैं, ऐसे मतदाता जिनका नाम मतदाता सूची में दो या अधिक स्थानों पर दर्ज है. इन त्रुटियों को दूर करने के लिए बूथ वाइज वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन की जरूरत थी. इसीलिए पूरे देश में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू की गई है.
उत्तर प्रदेश की पिछली मतदाता सूची में 15 करोड़ 44 लाख मतदाता दर्ज थे. लेकिन विशेष हमन पुनरीक्षण प्रक्रिया के बाद जो ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जा रही है, उसमें करीब 12 करोड़ 55 लाख मतदाता ही शामिल होंगे. यानी लगभग 2 करोड़ 89 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं.
ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे
- जिनका निधन हो चुका है
- स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता, जो किसी अन्य जिले या राज्य में शिफ्ट हो चुके हैं
- दो स्थानों पर पंजीकृत मतदाता, जिनका नाम एक से अधिक जगह दर्ज था
- गणना प्रपत्र (Enumeration Form) न भरने वाले मतदाता
- लंबे समय से अनुपस्थित मतदाता, जिनका दिए गए पते पर सत्यापन नहीं हो सका
यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा आज दोपहर 3 बजे ड्राफ्ट मतदाता सूची के संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान करीब 2.89 करोड़ वोटर अनमैप्ड मिले हैं. उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया 4 नवंबर 2025 को शुरू हुई थी. एसआईआर की अंतिम तिथि पहले 4 दिसंबर तय की गई थी, जिसे बाद में दो बार बढ़ाया गया. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पहले 31 दिसंबर को प्रकाशित होनी थी, जिसे बाद में 6 जनवरी तक बढ़ा दिया गया था.
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में जिन लोगों के नाम नहीं होंगे, वे 6 फरवरी तक चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन या संबंधित बीएलओ के पास दावे और आपत्ति दर्ज करा सकेंगे. जिन मतदाताओं का नाम किसी वजह से इस लिस्ट में शामिल नहीं हुआ हो, वे तय प्रक्रिया का पालन कर अपना नाम जुड़वा सकते हैं.
निर्वाचन आयोग की ओर से देश के अलग-अलग राज्यों में मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया चलाई जा रही है. विपक्षी दलों के शासन वाले कुछ राज्यों ने इस प्रक्रिया की संवैधानिक वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. इन याचिकाओं पर आज सुनवाई होनी है.
चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, आपको निम्नलिखित दस्तावेज अपने पास तैयार रखने चाहिए...
यदि आपका नाम सूची में नहीं है, तो आपको चुनाव आयोग को आपत्ति दर्ज करानी होगी. यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक जिन मतदाताओं का पता नहीं चल पा रहा है या जो लापता हैं और जिनके नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, उन्हें अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए 2003 की एसआईआर सूची में शामिल होने का प्रमाण या ईसीआई द्वारा निर्धारित कोई भी दस्तावेज दिखाना होगा. रिणवा ने कहा कि चुनाव आयोग ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में लगभग 12.55 करोड़ नामों को शामिल करने पर आपत्ति जताने वालों को भी आमंत्रित करेगा. ये आपत्तियां फॉर्म 7 भरकर दर्ज की जा सकती हैं. यदि ड्राफ्ट लिस्ट में किसी नाम के विरुद्ध आपत्ति वैध पाई जाती है, तो उसे सूची से हटाया जा सकता है. आप इन फॉर्मों को voters.eci.gov.in पर ऑनलाइन या ECINET ऐप के माध्यम से जमा कर सकते हैं. ऑफलाइन फॉर्म जमा करने के लिए आपको बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) से मिलना होगा.
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इन आसान चरणों के जरिए आप SIR-2026 के तहत मतदाता सूची में अपना नाम आसानी से जांच सकते हैं.