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'क्या अमेरिका से तय हो रही है भारत की विदेश नीति...', ट्रंप ने दी टैरिफ बढ़ाने की धमकी तो हमलावर हुई कांग्रेस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल इंपोर्ट को लेकर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा कि अगर भारत रूसी तेल खरीदना बंद नहीं करता है तो टैरिफ बढ़ाया जा सकता है. कांग्रेस ने इस बयान पर मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं और कहा कि क्या भारत की विदेश नीति अमेरिका के दबाव में है.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर टैरिफ बढाने को लेकर धमकी दी है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर टैरिफ बढाने को लेकर धमकी दी है

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर भारतीय इंपोर्ट पर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी दी है. ट्रंप का ये बयान एक पब्लिक संबोधन के दौरान सामने आया है, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर नई दिल्ली 'रूसी तेल मुद्दे' पर मदद नहीं करता है, तो भारतीय इंपोर्ट पर मौजूदा टैरिफ बढ़ाया जा सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान के सामने आने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. 

कांग्रेस ने X पर एक पोस्ट के जरिए ट्रंप के बयान को क्वोट करके केंद्र की मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस ने पोस्ट में लिखा कि 'भारत ने रूस से तेल खरीदना कम कर दिया, क्योंकि मोदी मुझे खुश करना चाहता है. वो जानता है कि मैं उससे खुश नहीं हूं और मुझे खुश करना जरूरी है. अगर मेरी बात नहीं मानी गई तो मैं बहुत जल्द टैरिफ बढ़ा दूंगा, जिसका उन्हें नुकसान होगा- ट्रंप.' 


कांग्रेस ने कहा कि ट्रंप के मुताबिक, मोदी ने रूस से तेल खरीदना इसलिए बंद कर दिया, क्योंकि अमेरिका ने भारत पर टैरिफ से दबाव बनाया.

कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पांच सवाल उठाए हैं. कांग्रेस ने कहा- क्या मोदी सरकार की विदेश नीति अमेरिका से तय हो रही है? रूस से तेल खरीदना इसलिए बंद हुआ क्योंकि ट्रंप को खुश करना था? कांग्रेस ने पूछा कि आखिर पीएम मोदी चुप क्यों हैं?

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एक और पोस्ट में कांग्रेस ने अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम को भी क्वोट किया है. जिन्होंने अपने एक बयान में पहले कहा था कि 'मैं एक महीने पहले भारतीय राजदूत के घर पर था और वह सिर्फ इस बारे में बात करना चाहते थे कि भारत कैसे कम रूसी तेल खरीद रहा है. वो चाहते थे कि मैं राष्ट्रपति ट्रंप को ये बात बताऊं और कहूं कि अब भारत को टैरिफ में कुछ छूट दी जाए'

कांग्रेस ने हमलावर होते हुए तंज कसा है कि, 'ट्रंप को खुश करने के लिए नरेंद्र मोदी ने हमारे सदाबहार मित्र रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया.आखिर खुद का PR मेंटेन करने के लिए और ट्रंप को खुश करने के लिए मोदी देश का नुकसान क्यों कर रहे हैं?'


असल में भारत के रूसी तेल इंपोर्ट पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "वे असल में मुझे खुश करना चाहते थे. पीएम मोदी बहुत अच्छे आदमी हैं. वह एक अच्छे इंसान हैं. उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था. मुझे खुश करना ज़रूरी था. हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं." ट्रंप भारत के रूस के साथ तेल व्यापार की बात कर रहे थे, जिसका उनकी सरकार लंबे समय से विरोध कर रही है. अगस्त 2025 में भारत पर टैरिफ दोगुना करके 50% करने के पीछे रूस के साथ ऑयल ट्रेड को एक वजह बताया गया था.

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इन बयानों से रूस के साथ भारत के एनर्जी संबंधों को लेकर तनाव फिर से बढ़ गया है और ये बातें ट्रंप के उस दावे के कुछ महीने बाद आई हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें 'भरोसा दिलाया' था कि भारत रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा. नई दिल्ली ने पहले इस दावे को खारिज कर दिया था और कहा था कि ट्रंप और मोदी के बीच इस तरह की कोई बातचीत नहीं हुई थी. रूस, भारत को तेल सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश है. ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के कई अधिकारियों ने पहले आरोप लगाया था कि रूस इस तेल व्यापार से होने वाली कमाई का इस्तेमाल यूक्रेन में युद्ध को बढ़ावा देने के लिए कर रहा है, और भारत भी इस तेल को दोबारा बेचकर 'मुनाफ़ा कमा रहा है' और 'अरबों कमा रहा' है. ट्रंप द्वारा भारत पर भारी टैरिफ लगाना काफी हद तक पुतिन पर दबाव डालने की एक चाल के तौर पर देखा गया है.
 

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