उमर खालिद और शरजील इमाम के फैसले के बाद कांग्रेस और लेफ्ट इको सिस्टम का मानसिक दिवालियापन पूरी तरह सामने आ गया है. पृथ्वीराज चव्हाण, हुसैन दलवाई, वृंदा करात जैसे नेताओं ने पहले उमर खालिद को मासूम बताया था. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट फैसला दिया है. इसके बावजूद लेफ्ट कांग्रेस के लोग जेएनयू में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ नारे लगाते हैं और कहते हैं कि मोदी और अमित शाह की कब्र खुदी जाएगी.