बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आम चुनाव से ठीक छह दिन पहले हालात एक बार फिर बेकाबू हो गए. इंकलाब मंच से जुड़े छात्रों और कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज, आंसू गैस और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया.
इस कार्रवाई में 50 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. प्रदर्शनकारी इंकलाब मंच के प्रमुख नेता उस्मान हादी की मौत के मामले में दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे थे.
जैसे ही प्रदर्शनकारी मुख्य सलाहकार डॉक्टर यूनुस के आधिकारिक आवास की ओर बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद हालात हिंसक हो गए. यह दिन में दूसरी बार था जब उसी इलाके में लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया गया.
इंकलाब मंच के सचिव अब्दुल्ला अल जाबेर सहित कई छात्र नेता इस दौरान घायल हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है. इंकलाब मंच ने अपने समर्थकों से आगे के विरोध प्रदर्शनों के लिए ढाका विश्वविद्यालय में इकट्ठा होने की अपील की है.
कर्फ्यू जैसे हालात
इससे पहले दोपहर में 9वें वेतन आयोग को लागू करने की मांग कर रहे सरकारी कर्मचारियों पर भी पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लिया था. बढ़ते तनाव को देखते हुए ढाका में अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई है.
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मुख्य सलाहकार डॉक्टर यूनुस के आवास के आसपास के पूरे इलाके को कर्फ्यू जैसे हालात में बदल दिया गया है. जमुना गेस्ट हाउस के आसपास किसी भी तरह के जमावड़े और विरोध प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है.
गौरतलब है कि उस्मान हादी को 18 दिसंबर को गोली मारी गई थी, जिसके बाद से बांग्लादेश में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव ने चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है.