कनाडा में साउथ एशिया कम्युनिटी को टारगेट कर चलाए जा रहे एक्सटॉर्शन नेटवर्क पर बड़ा एक्शन हुआ है. कैनेडियन पुलिस ने 17 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो बिजनेसमैन और कम्युनिटी के लोगों को निशाना बनाकर एक्सटॉर्शन और ऑर्गेनाइज्ड क्राइम में शामिल थे.
जानकारी के मुताबिक, पील रीजनल पुलिस की एक्सटॉर्शन टास्क फोर्स ने इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाया. पुलिस कहना है कि एक्सटॉर्शन करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे डराने-धमकाने, धमकी और बढ़ती हिंसा के कोऑर्डिनेटेड कैंपेन को खत्म कर दिया गया है.
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों के संबंध फोर ब्रदर्स नामक एक इंटरनेशनल क्रिमिनल नेटवर्क से हैं. यह नेटवर्क कनाडा और यूनाइटेड स्टेट्स में साउथ एशिया के बिजनेसमैन और कम्युनिटी के लोगों को टारगेट करता था. वसूली, धमकी और हिंसक वारदातों में शामिल था.
ये ऑर्गेनाइज्ड क्रिमिनल नेटवर्क ब्रैम्पटन, मिसिसॉगा, कैलेडन और ब्रिटिश कोलंबिया में एक्टिव था. इसके लिंक अमेरिकी राज्य कैलिफोर्निया से भी जुड़े मिले हैं. पुलिस अब इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और फंडिंग चैनल्स की भी जांच कर रही है. गिरफ्तार लोगों से पूछताछ चल रही है.
पील रीजनल पुलिस के चीफ़ निशान दुरईप्पा ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से डर और असुरक्षा का माहौल बना था. उन्होंने कहा, ''हम समझते हैं कि इससे लोगों को नुकसान और भय का सामना करना पड़ा है. हमारी कोशिश इन अपराधों को रोकने और कम्युनिटी को सुरक्षित रखने की है.''
इस मामले की जांच दिसंबर 2025 में शुरू हुई थी. इसमें कैनेडियन पुलिस, सिक्योरिटी एजेंसियों और अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी FBI ने मिलकर कार्रवाई की है. इसके बाद अप्रैल 2026 में 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस का कहना है कि आरोपी कुल 24 घटनाओं से जुड़े हुए हैं. इनमें फोर ब्रदर्स नेटवर्क से संबंधित 16 हिंसक घटनाएं भी शामिल हैं. जांच एजेंसियों के मुताबिक, गैंग बिजनेस मालिकों को धमकाकर पैसे वसूलने का काम करता था. हिंसक वारदातों को अंजाम देता था.
पुलिस ने बताया कि जिन छह लोगों पर चार्ज लगाया गया है, उन्हें क्रिमिनल केस खत्म होने के बाद इमिग्रेशन एक्शन का भी सामना करना पड़ सकता है. इसमें कनाडा से डिपोर्ट किए जाने की कार्रवाई भी शामिल हो सकती है.
जांच के दौरान पुलिस ने छह हथियार, गैर-कानूनी ड्रग्स, कई सेल फोन, SIM कार्ड और नकली पहचान पत्र भी बरामद किए हैं. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
आरोपियों की पहचान इकबाल सिंह भगरिया, आकाशदीप सिंह, रविंदर सिंह, जशनबीर सिंह, दिलावरप्रीत सिंह, मंदीप सिंह, प्रभदीप सोहल, प्रतापबीर घुमन, अजयदीप सिंह, नवरूप सिंह, राजन सिंह, अमृतजोत सिंह, जशनप्रीत सिंह, गुनीत गुनीत, सुखविंदर सिंह, मोहिंदर सिंह और गौतम के रूप में हुई है.