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फोन में गेम खेलते हुए ट्रक चला रहा था भारतीय शख्स, मां-बेटे को कुचला, डर में भाग गया था भारत

हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रक और ड्राइवर की एक बड़ी लापरवाही ने पलभर में दो जिंदगियां छीन लीं. जांच में सामने आया कि आरोपी ड्राइविंग के दौरान बार-बार मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहा था और हादसे से ठीक पहले ऑनलाइन गेम खेल रहा था.

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हाईवे पर लापरवाही और मोबाइल गेमिंग बनी मौत की वजह (Photo-Canadian Press)
हाईवे पर लापरवाही और मोबाइल गेमिंग बनी मौत की वजह (Photo-Canadian Press)

कनाडा के क्यूबेक प्रांत में 2022 में हुए एक भीषण सड़क हादसे में भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवर बलजीत सिंह (29) ने अदालत में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है. इस दर्दनाक हादसे में एक महिला और उसके 11 साल के बेटे की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे.

यह मामला ब्रॉसार्ड इलाके में हाईवे 30 पर हुआ था, जब ओंटारियो में रहने वाला बलजीत सिंह 53-फुट लंबे ट्रैक्टर-ट्रेलर को चला रहा था. जांच में सामने आया कि वह निर्माण क्षेत्र के पास पहुंचते समय अपनी गाड़ी की स्पीड नियंत्रित नहीं कर पाया और कई वाहनों से टकरा गया, जिससे बड़ा पाइलअप हो गया.

लॉन्ग्युइल कोर्ट में पेश किए गए तथ्यों के मुताबिक, ड्राइवर ने “खतरनाक ड्राइविंग से मृत्यु” और “खतरनाक ड्राइविंग से गंभीर शारीरिक क्षति” जैसे गंभीर आरोपों में दोष स्वीकार किया है. रिपोर्ट के अनुसार, हादसे से ठीक पहले एक घंटे के अंदर ड्राइवर ने 18 बार अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था और उसी दौरान वह एक ऑनलाइन गेम भी खेल रहा था.

इस भीषण टक्कर में 42 वर्षीय नैंसी लेफ्रांसोआ और उनके 11 वर्षीय बेटे लोइक शेवेलियर की मौत हो गई. दोनों अपने वाहन से यात्रा कर रहे थे, जो सीधे ट्रक की चपेट में आ गया. हादसे में कई अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए, जिनमें फ्रैक्चर, सिर की चोटें और आंतरिक रक्तस्राव शामिल हैं.

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जांच एजेंसियों की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि आरोपी की ड्राइविंग पूरी तरह असावधानी और लापरवाही से भरी हुई थी. डैशकैम फुटेज में उसे लगातार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते, लेन बदलते और बिना जरूरी आराम के लंबे समय तक ड्राइविंग करते हुए देखा गया.

रिपोर्ट के अनुसार, टक्कर से ठीक पहले ड्राइवर के पास केवल 0.35 सेकंड का रिएक्शन टाइम था, जिससे साफ है कि अगर वह सतर्क होता तो यह हादसा टाला जा सकता था.

घटना के बाद शुरुआती पूछताछ के बाद बलजीत सिंह कनाडा छोड़कर भारत चला गया था. 2025 में उसे विदेश में गिरफ्तार कर कनाडा प्रत्यर्पित किया गया और दोबारा अदालत में पेश किया गया.

फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है और जून में उसकी सजा तय की जाएगी. कनाडाई कानून के अनुसार, इस तरह के “डेंजरस ड्राइविंग कॉजिंग डेथ” मामलों में अधिकतम आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है.

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