खतरनाक हंतावायरस से जुड़े एक क्रूज जहाज से लौटे दो कनाडाई नागरिकों को कनाडा सरकार ने एहतियातन आइसोलेशन में रखा है. दोनों यात्री लगभग दो हफ्ते पहले दक्षिण अटलांटिक के सुदूर द्वीप Saint Helena पर जहाज से उतरे थे. इसके बाद वो फ्लाइट से कनाडा पहुंचे, जहां स्वास्थ्य अधिकारियों ने उन्हें निगरानी में रखा हुआ है.
बता दें कि जिस क्रूज जहाज पर ये यात्री सवार थे, वहां हंतावायरस संक्रमण फैलने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है. इसी वजह से जहाज पर मौजूद यात्रियों और क्रू की मेडिकल जांच शुरू की गई और कई देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट पर आ गईं.
कनाडा की विदेश मामलों की मंत्री अनिता आनंद ने बताया कि दोनों कनाडाई यात्रियों के साथ एक तीसरा कनाडाई नागरिक भी उसी फ्लाइट में यात्रा कर रहा था, जिस फ्लाइट से ये दो शख्स क्रूज के बाद बैठे थे. हालांकि वह खुद क्रूज पर मौजूद नहीं था. चूंकि वह संभावित रूप से संक्रमित लोगों के संपर्क में आया हो सकता है, इसलिए उसे भी निगरानी में रखा गया है.
कनाडाई सरकार के मुताबिक, तीनों व्यक्तियों में फिलहाल संक्रमण के कोई लक्षण नहीं दिखाई दिए हैं. इनमें से दो लोग ओंटारियो में और एक क्यूबेक में रह रहा है. सभी को घरों में सेल्फ-आइसोलेशन का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं और स्थानीय सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी रोजाना उनकी निगरानी कर रहे हैं.
स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल आम जनता के लिए संक्रमण फैलने का खतरा बहुत कम माना जा रहा है. ओंटारियो की स्वास्थ्य मंत्री सिल्विया जोन्स ने कहा कि दोनों निवासी कनाडा लौटने के बाद से ही आइसोलेशन में हैं और उनकी हालत स्थिर है. हालांकि उन्होंने कहा कि स्थिति लगातार बदल सकती है, इसलिए सरकार सतर्क बनी हुई है.
सरकार का कहना है कि हंतावायरस की इन्क्यूबेशन पीरियड लगभग 30 दिन तक हो सकता है. इसी वजह से संक्रमित जहाज से जुड़े यात्रियों की लंबे समय तक निगरानी की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग यह भी तैयारी कर रहा है कि अगर जहाज पर मौजूद अन्य कनाडाई नागरिकों को वापस लाना पड़ा तो उनके लिए भी इसी तरह की व्यवस्था की जाएगी. इस जहाज़ में कुल 4 कनाडाई नागरिक सवार हुए थे.
इस बीच कनाडा सरकार ने उस क्रूज जहाज पर मौजूद यात्रियों की मदद के लिए कांसुलर अधिकारियों की एक टीम भेजने का फैसला किया है. जानकारी के मुताबिक यात्रियों को स्पेन के ग्रेनाडिला बंदरगाह पर उतारने की योजना बनाई गई है, हालांकि परिस्थितियों के अनुसार इसमें बदलाव भी हो सकता है.
कहां से कहां जा रहा था क्रूज़?
दक्षिण अटलांटिक में हंतावायरस प्रकोप का केंद्र बना एक्सपेडिशन क्रूज शिप एमवी होंडियस अर्जेंटीना के उशुआइया शहर से अंटार्कटिका और दूरदराज द्वीपों की एडवेंचर यात्रा पर निकला था. यह जहाज यात्रियों को ग्लेशियर, वाइल्ड लाइफ और पोलर क्षेत्रों की सैर कराने के लिए दक्षिण अटलांटिक के रास्ते अफ्रीका के पास स्थित केप वर्ड की ओर जा रहा था, लेकिन यात्रा के दौरान कई यात्रियों की तबीयत बिगड़ने लगी.
बाद में जहाज पर हंतावायरस संक्रमण की पुष्टि हुई और तीन लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट पर आ गईं. जहाज पर कुल चार कनाडाई नागरिक मौजूद थे, जिनमें से दो लगभग दो सप्ताह पहले कनाडा में आइसोलेशन में हैं. हंतावायरस संक्रमण की पुष्टि के बाद जहाज की सामान्य यात्रा रोक दी गई और उसे स्पेन के ग्रेनाडिला बंदरगाह की ओर मोड़ा गया, जहां यात्रियों को सुरक्षित उतारने और मेडिकल जांच की तैयारी की गई है.
हर व्यक्ति नहीं होता संक्रमित
संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. ज़ैन चागला के अनुसार, हंतावायरस के संपर्क में आने वाला हर व्यक्ति संक्रमित नहीं होता. उन्होंने कहा कि पहले भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां संक्रमित वातावरण में रहने के बावजूद लोगों में बीमारी विकसित नहीं हुई. उनके मुताबिक यह सकारात्मक संकेत है कि कनाडा लौटे यात्रियों को समय रहते निगरानी और देखभाल मिल रही है.
क्या है हंतावायरस?
हंतावायरस एक दुर्लभ लेकिन गंभीर वायरस है, जो आमतौर पर संक्रमित चूहों या उनके मल-मूत्र के संपर्क में आने से फैलता है. गंभीर मामलों में यह फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है और सांस लेने में गंभीर दिक्कत पैदा कर सकता है. फिलहाल कनाडाई स्वास्थ्य एजेंसियां स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं और लोगों से घबराने के बजाय आधिकारिक स्वास्थ्य निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है.