ब्रिटेन में अभी आम चुनाव दूर है. 2029 में चुनाव होंगे. लेकिन इससे काफी पहले ही रिफॉर्म यूके पार्टी के नेता नाइजल फराज ने सोमवार को बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह अमेरिका की इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट की तरह ही एक एजेंसी बनाएगी. ये एजेंसी हर साल 2.88 लाख तक के प्रवासियों को डिपोर्ट करेंगे और पहले टेन्योर में छह लाख से अधिक लोगों को निष्कासित करेंगे.
डोवर में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के होम अफेयर्स प्रवक्ता जिया यूसुफ ने कहा, 'यूके डिपोर्टेशन कमांड' को बनाना सरकार की प्राथमिकता होगी. इसे उन्होंने ऑपरेशन रिस्टोरिंग जस्टिस का हिस्सा बताया.
पार्टी ने बताया कि प्रवासियों को पहले एक मॉड्यूलर आवास में रखा जाएगा और हर दिन पांच डिपोर्टेशन फ्लाइट चलाई जाएंगी. इस योजना में क़रीब दो अरब पाउंड सालाना खर्च होने का अनुमान जताया गया है. इस खर्च को प्रवासी आवास और वेलफेयर खर्च में कमी से बैलेंस करने का दावा किया गया है.
रिफॉर्म यूके ने पाकिस्तान, सोमालिया, इरीट्रिया, अफगानिस्तान, सीरिया और सूडान पर वीजा प्रतिबंध लगाने की बात कही है. पार्टी का कहना है कि इन देशों से अधिकतर अवैध प्रवासन होता है, जिसे रोकना आवश्यक है. इसके साथ ही रिफॉर्म यूके ने यूरोपियन कन्वेंशन ऑन ह्यूमन राइट्स (ईसीएचआर) से ब्रिटेन के बाहर निकलने का भी प्रस्ताव रखा है. पार्टी का तर्क है कि मौजूदा मानवाधिकार कानून काफी हद तक देश की सुरक्षा और सीमा नियंत्रण में बाधा बनते हैं.
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पार्टी ने एक नया कानून, "इलीगल माइग्रेशन मास डिपोर्टेशन एक्ट" लाने का भी सुझाव दिया है. इसके तहत अवैध रूप से देश में रहने वाले प्रवासियों को बड़ी संख्या में वापस देश भेजा जाएगा. हालांकि, लेबर पार्टी ने रिफॉर्म यूके की इस योजना की आलोचना की है. लेबर पार्टी का कहना है कि इस तरह की नीतियां विभाजनकारी हैं और वे देश की सामाजिक एकता को नुकसान पहुंचा सकती हैं.