ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने अमेरिका के साथ “सिवलाइज़्ड रिलेशनशिप” बनाने की अपनी इच्छा व्यक्त की है. यह बयान उन्होंने नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया, जहां वे अपने तीन दिवसीय भारत दौरे के समापन पर मौजूद थे. लूला ने बताया कि वे मार्च के पहले सप्ताह में वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने की उम्मीद कर रहे हैं.
अपने आगामी अमेरिकी दौरे के संदर्भ में, लूला ने कहा कि बातचीत के एजेंडा में ट्रेड, इमीग्रेशन, इन्वेस्टमेंट और युनिवर्सिटी के बीच सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल होंगे. उन्होंने साफ किया कि वे दोनों देशों के बीच बातचीत को मजबूत करना चाहते हैं ताकि भले ही मतभेद हों, फिर भी रिश्ते सिवलाइज़्ड और स्थिर बने रहें.
दक्षिण अमेरिकी नेता लूला ने ट्रंप प्रशासन के साथ कुछ विवादास्पद विषयों का उल्लेख भी किया, जिनमें टैरिफ, इजरायल-गाजा संघर्ष से जुड़ी नीतियां, और अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ किए गए कदम शामिल हैं. हालांकि, उन्होंने हाल ही में जारी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ संबंधी फैसले पर कोई टिप्पणी करने से परहेज किया.
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लूला का यह रुख यह संकेत देता है कि वे अमेरिका के साथ हितों के बावजूद मतभेदों को सुलझाने और एक पॉजिटिव, रिस्पेक्टफुल रिलेशन को प्रायोरिटी देते हैं. उनका मानना है कि दोनों देशों के बीच स्थिर और बातचीत संबंध न केवल आर्थिक बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण हैं.
लूला के भारत दौरे में क्या-क्या खास हुआ?
राष्ट्रपति लूला का भारत दौरा 18 से 22 फरवरी तक पीएम नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर राजकीय यात्रा के रूप में आयोजित हुआ. यह दौरा दोनों देशों के बीच संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ.
दौरे का प्रमुख हिस्सा दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लूला का औपचारिक स्वागत था. इसके बाद हैदराबाद हाउस में दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें व्यापार, रक्षा, तकनीकी सहयोग और ऊर्जा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को विस्तार देने पर चर्चा हुई.
19 और 20 फरवरी को ब्राजील के राष्ट्रपति ने दूसरे दिन इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लिया. इस समिट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी सहयोग को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ, जिससे दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं उजागर हुईं.
दौरे के दौरान कई समझौते हुए, जिनमें द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से ऊपर ले जाने का लक्ष्य रखा गया. खासतौर पर खनिज, ऊर्जा, रक्षा और कृषि क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने पर सहमति बनी. इसके अलावा, ग्लोबल साउथ, BRICS और G20 जैसी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग को मजबूत करने का भी वादा किया गया. लूला ने अपने साथ सैकड़ों ब्राजीलियाई कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी भारत लाया, जिससे आर्थिक और व्यापारिक संबंधों में और तेजी आने की उम्मीद है.