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'देखते हैं तुम हमें ईरान भेजोगे या हम तुम्हें...', आसिम मुनीर के खिलाफ PAK में गोलबंद होने लगे शिया

पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने कहा कि जो शिया ईरान से इतना प्यार करते हैं उन्हें ईरान चले जाना चाहिए. उनकी इस टिप्पणी से पाकिस्तान के शिया भड़क पड़े हैं. शियाओं ने कहा कि ये उनकी वफादारी पर सवालिया निशान है. शिया समुदाय ने कहा कि पाकिस्तान की सेना अमेरिका और इजरायल की नौकर की तरह सेवा कर रही है.

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आसिम मुनीर के बयान पर शिया मौलानाओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है (Photo: ITG)
आसिम मुनीर के बयान पर शिया मौलानाओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है (Photo: ITG)

"मैं आर्मी चीफ को ये पैगाम देता हूं... आसिम मुनीर अगर तुम खुलेआम इजरायल का साथ देते हो तो हम भी खुलेआम ईरान का साथ देंगे. देखते हैं तुम हमें ईरान भेजोगे या हम तुम्हें इजरायल भेजेंगे." पाकिस्तान के इस मौलाना की आवाज एकदम चीखती हुई सी है. इसके साथ लोगों का हुजूम है और ये लोग पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर के खिलाफ किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं. 

लोगों से मुखातिब होते हुए एक दूसरे मौलाना ने आसिम मुनीर को दिल की आह पूरी होने तक खरी खोटी सुनाई. इस जलसे में एक दूसरे मौलाना ने कहा, "मुनीर कहता है कि अगर ईरान से मोहब्बत है तो उधर चले जाओ, हम कहते हैं तुम्हें इजरायल से बड़ी दोस्ती है, तुम इजरायल में जाकर मरो, इस काबिल नहीं हो कि मुसलमान सरजमीं पर मर जाओ."

ये प्रदर्शन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के गिलगित में हुआ है.

पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर शिया मौलानाओं से यह कहकर एक सांप्रदायिक और राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है कि जो लोग "ईरान से इतना प्यार करते हैं," उन्हें "ईरान चले जाना चाहिए." रावलपिंडी में एक इफ्तार कार्यक्रम के दौरान की गई इस टिप्पणी को शिया धार्मिक नेताओं ने अपमानजनक और भड़काऊ बताया है.

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शिया धर्मगुरुओं ने पाकिस्तानी सेना पर "अमेरिका और इजरायल के इशारे पर पाकिस्तान के हितों के खिलाफ काम करने" और "सरकारों को गिराकर देश को तबाह करने" का आरोप लगाया है. 

शिया उलेमा काउंसिल पाकिस्तान के केंद्रीय उपाध्यक्ष अल्लामा सैयद सिबतैन हैदर सबजवारी ने मुनीर से कहा, "अगर तुम्हें अपने आकाओं, इजरायल और अमेरिका से इतना ही प्यार है, तो पाकिस्तान छोड़कर चले जाओ."

शिया समुदाय को मुनीर की यह चेतावनी ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमले और अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के विरोध में समुदाय द्वारा किए गए प्रदर्शनों के बाद आई है. इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान के कराची, स्कार्दू और इस्लामाबाद में सुरक्षा बलों ने खामेनेई की मौत पर के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की. इस दौरान कम से कम 35 लोग मारे गए थे.

शिया समुदाय अयातुल्ला के पद को अपना सर्वोच्च धार्मिक मार्गदर्शक (मरजा-ए-तक़लीद) मानता है, जिनके फतवे और मार्गदर्शन उनके दैनिक धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक आचरण को दिशा देते हैं. 

पाकिस्तानी शिया मौलाना अल्लामा मुहम्मद शिफा नजफी ने एक वीडियो में कहा, "मैं आपको बता दूं, जिन्ना एक शिया था."

शिया धर्मगुरुओं ने कहा कि ईरान को लेकर समुदाय द्वारा व्यक्त किए जा रहे दुख और गुस्से को पाकिस्तान के प्रति वफादारी पर एक सवाल के तौर पर देखा जा रहा है. मुनीर की चेतावनी से शिया मजहबी नेता नाराज हैं; उनका कहना है कि पाकिस्तानी शिया इस देश के इतिहास और राजनीति से गहराई से जुड़े हुए हैं, और उन्हें यूं ही बाहरी या ऐसे लोग के तौर पर नहीं दिखाया जा सकता जिनकी वफादारी कहीं और हो.

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शिया धर्मगुरु और मजलिस वहदत-ए-मुस्लिमीन के उपाध्यक्ष अल्लामा सैयद अहमद इकबाल रिज़वी ने कहा, "आप लोगों की वजह से जो डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी सत्ता-प्रतिष्ठान के इशारे पर काम करते हैं, आप पाकिस्तान के अंदर रहकर पाकिस्तान के हितों के खिलाफ काम करते हैं. आप यहां सत्ता परिवर्तन करवाते हैं. देश इस समय जिस भी तबाही का सामना कर रहा है, वह अमेरिकी गुलामी और आप लोगों की वजह से है. यह हमारी वजह से नहीं है. हम पाकिस्तान के शुभचिंतक हैं. डोनाल्ड ट्रंप और उनके दोस्त नेतन्याहू, अमेरिका और इजरायल... उनकी नाव डूब रही है."

शिया उलेमा काउंसिल पाकिस्तान के केंद्रीय उपाध्यक्ष अल्लामा सैयद सिबतैन हैदर सबजवारी ने पूछा, "आप अमेरिका के नौकर बन रहे हैं. आप इजरायल के नौकर बन रहे हैं. अगर आपको उनसे इतनी ही हमदर्दी है, तो आपको यह देश छोड़ देना चाहिए. आप कौन सा कलमा पढ़ते हैं? क्या आप हमें धमकाने की कोशिश कर रहे हैं? क्या आप शिया समुदाय को धमकाने की कोशिश कर रहे हैं?"

पाकिस्तान के शियाओं ने कहा है कि पाकिस्तान की सेना सियासत में जरूरत से ज्यादा दखल दे रही है.

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