अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मेक्सिको की सीमा पर दीवार बनाने को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अवैध प्रवासियों को अमेरिकी सीमा में प्रवेश से रोकने के लिए देश की दक्षिणी मेक्सिको सीमा पर दीवार के लिए धन जुटाने के लिए वह नेशनल इमरजेंसी घोषित करने के करीब पहुंच रहे हैं.
बता दें कि अगर अमेरिका में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया जाता है तो डोनाल्ड ट्रंप कांग्रेस से मंजूरी लिए बिना ही दीवार बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ा देंगे और उन्हें आपदा राहत फंड का धन दीवार बनाने में खर्च करने के एक्जिक्यूटिव पावर मिल जाएंगे.
ट्रंप ने अमेरिकी न्यूज चैनल सीबीएस न्यूज के 'फेस द नेशन' कार्यक्रम में कहा कि बॉर्डर सिक्युरिटी पर डेमोक्रेट सीनेटरों के साथ बातचीत सिर्फ समय की बर्बादी है. ट्रंप ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी पर अड़ियल रुख अपनाने और घटिया राजनीति करने का आरोप भी लगाया.
ट्रंप ने कहा,‘‘मैं समझता हूं कि वह बहुत अड़ियल हैं-जिसकी मुझे आशा भी थी-मैं समझता हूं कि वह देश के लिए खराब हैं. उन्हें पता है कि आपको एक अवरोधक चाहिए, उन्हें मालूम है कि हमें सीमा सुरक्षा की जरुरत है. फिर भी मूल रूप से वह खुली सीमा के पक्ष में हैं, उन्हें मानव तस्करी की तनिक भी परवाह नहीं है.’’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि पेलोसी इस दीवार पर अपने अड़ियल रवैये से देश पर अरबों डॉलर का बोझ डाल रही है, और ये बेमतलब है. ट्रंप ने गुस्से में कहा, ‘वह हमारे देश को भयंकर नुकसान पहुंचा रही हैं.’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी आगे की योजना बताई और कहा, ‘हमारी निगाहें आपातकाल की ओर हैं क्योंकि मैं नहीं समझता कि कुछ होने जा रहा है. मैं समझता हूं कि डेमोक्रेट सीमा सुरक्षा नहीं चाहते हैं. और जब मैं उन्हें यह कहते हुए सुनता हूं कि दीवारें कानून के खिलाफ हैं और दीवारों से बात नहीं बनेगी तो मुझे लगता है कि वे जानते हैं कि वे काम आती हैं.’
इस बीच पेलोसी कार्यालय ने ट्रंप पर लापरवाही भरे बयान देने का आरोप लगाया. नैंसी पेलोसी की प्रवक्ता ड्रू हैमिल ने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप का लापरवाही भरा बयान हमें सुरक्षित नहीं बनाता है. 35 दिन हो गए हमारे बॉर्डर पेट्रोल एजेंट, ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन एजेंट्स, एफबीआई एजेंट्स और होमलैंड सिक्युरिटी के स्टाफ को तनख्वाह नहीं मिले हैं."
आगे उन्होंने कहा कि डेमोक्रेट पार्टी ने मजबूत प्रभावी और स्मार्ट सुरक्षा उपाय के प्रस्ताव द्विपक्षीय कॉन्फ्रेंस कमेटी की मीटिंग में दिए थे, लेकिन राष्ट्रपति अभी भी इस पर गौर फरमाने से इनकार कर रहे हैं, वह दूसरे शटडाउन पर अभी भी अड़े हैं. उन्होंने कहा कि हमारी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर डेमोक्रेट्स पर राष्ट्रपति के आरोप वाहियात हैं और इससे हमारा देश सुरक्षित नहीं होता है.