मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच अमेरिकन एयरफोर्स का एक और विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है. अमेरिकी अखबार 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' (NYT) की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को फारसी खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी वायुसेना का एक लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में सवार इकलौते पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया.
एनवाईटी से अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि दुर्घटनाग्रस्त होने वाला विमान 'फेयरचाइल्ड रिपब्लिक ए-10 थंडरबोल्ट II' था, जिसे आमतौर पर A-10 वॉरथॉग कहा जाता है. यह विमान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास गिरा. हालांकि, अधिकारियों ने दुर्घटना के कारण या परिस्थितियों को लेकर कोई जानकारी नहीं दी. वहीं, ईरान की सरकारी मीडिया का दावा है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन के एक A-10 विमान को निशाना बनाया.
इससे पहले शुक्रवार को ही अमेरिकी वायुसेना का एक F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान ईरान के एयरस्पेस में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हादसे के वक्त विमान में पायलट के साथ एक वेपन सिस्टम ऑफिसर (WSO) सवार था. अमेरिका ने इनमें से एक को बचाने का दावा किया है, जबकि दूसरे की तलाश अब भी जारी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दावा कर रहे हैं कि ईरान की वायुसेना और नौसेना को नष्ट कर दिया गया है.
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उन्होंने एक दिन पहले राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा था कि अमेरिका ने इस जंग में ईरान को पूरी तरह कुचल दिया है और बहुत जल्द वह काम पूरा होने जा रहा है, जिसके लिए यह युद्ध शुरू हुआ था. इस बीच अमेरिकी विमानों का लगातार गिरना कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है. अमेरिका के सेंट्रल कमांड के अनुसार, अब तक इस संघर्ष में 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और 300 से अधिक घायल हुए हैं. हालांकि ईरान ने किसी भी अमेरिकी सैनिक को बंदी नहीं बनाया है.
इस क्षेत्र में अमेरिकी विमानों का गिरना उसकी सेना पर बढ़ते दबाव और ईरान के साथ संघर्ष में नए मोड़ के रूप में देखा जा रहा है. ईरान ने हाल के दिनों में कई अमेरिकी विमानों को मार गिराने के दावे किए हैं. हालांकि, उसके इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान के नियंत्रण ने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया है. दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस इस समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है. इस क्षेत्र में तनाव के चलते तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे रोजमर्रा की चीजों के महंगे होने की आशंका बढ़ गई है.