ममता सरकार में मंत्री रहे मानस रंजन भुनिया बड़ी मुश्किल में घिर गए हैं. उनके खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर 5 लाख रुपये लेने का मामला दर्ज हुआ है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि विधानसभा चुनाव से पहले उनकी पत्नी को नौकरी दिलाने का वादा किया गया था. पैसे देने के बाद महिला को काम तो मिला, लेकिन महज दो महीने बाद ही उन्हें हटा दिया गया. पीड़ित परिवार की लिखित शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सबंग विधानसभा क्षेत्र के बिष्णुपुर ग्राम पंचायत इलाके के रहने वाले बिकाश कुमार टुंग ने यह शिकायत दर्ज कराई है. उनका आरोप है कि 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले उनकी पत्नी मंजू साहू टुंग को नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था. शिकायत में कहा गया है कि इस काम के लिए पूर्व मंत्री मानस भुइयां के साथ स्थानीय TMC नेताओं शेख अबू कलाम बॉक्स और भोलानाथ दे की मदद ली गई थी. आरोप है कि नौकरी दिलाने के बदले उनसे 5 लाख रुपये लिए गए.
नौकरी मिली, फिर चली गई
शिकायत के मुताबिक, मंजू साहू टुंग ने 1 मार्च 2026 को CISB सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के तहत टेमाथानी सिंचाई बंगले में स्टूअर्ड के रूप में काम शुरू किया था. परिवार का कहना है कि वह नियमित रूप से अपनी जिम्मेदारी निभा रही थीं. हालांकि, 6 मई को उन्हें बताया गया कि उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं. परिवार का आरोप है कि नौकरी खत्म करने का आदेश उन्हें व्हाट्सऐप के जरिए भेजा गया था. नौकरी जाने के बाद परिवार ने पूरे मामले को लेकर सवाल उठाए और पुलिस का दरवाजा खटखटाया. इस मामले में सबंग थाने के एक अधिकारी ने बताया कि लिखित शिकायत मिल चुकी है. मामले की जांच शुरू कर दी गई है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मानस भुइयां ने सभी दावों को खारिज कर दिया. उन्होंने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई और बड़ी साजिश बताया. भुइयां ने कहा कि उनके लंबे राजनीतिक जीवन में किसी ने उन पर कभी व्यक्तिगत लाभ लेने का आरोप नहीं लगाया है. उन्होंने भरोसा जताया कि जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी.