पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच फलता विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. उत्तर प्रदेश के चर्चित एनकाउंटर स्पेशलिस्ट और आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा ने उन्हें कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने साफ कहा कि अगर लोगों को धमकाने की शिकायत दोबारा मिली, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी. आईपीएस अधिकारी ने कहा, 'जहांगीर को बता देना, लोगों को धमकाया तो कायदे से खबर लेंगे.'
जानकारी के मुताबिक अजय पाल शर्मा फिलहाल पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी पर तैनात हैं. पिछले कुछ दिनों से आम लोगों की ओर से शिकायत मिल रही थी कि फलता विधानसभा से तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान मतदाताओं को लगातार धमका रहे हैं.
पुलिस ने भी घर की सही जानकारी नहीं दी
इन शिकायतों के बाद अजय पाल शर्मा मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां जहांगीर खान नहीं मिले. स्थानीय लोगों और यहां तक कि स्थानीय पुलिस ने भी उनके घर की सही जानकारी नहीं दी. बाद में तलाशी अभियान के दौरान उनकी टीम को जहांगीर का घर मिला.
सुरक्षा में 14 जवान तैनात
जब टीम वहां पहुंची तो घर के बाहर पश्चिम बंगाल पुलिस के 14 जवान सुरक्षा में तैनात मिले. इस पर अजय पाल शर्मा ने स्थानीय पुलिस अधीक्षक से जवाब मांगा. एसपी ने बताया कि जहांगीर खान को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है और उनके लिए 10 पुलिसकर्मी निर्धारित हैं.
इस पर अजय पाल शर्मा ने सवाल उठाया कि मौके पर 14 जवान कैसे तैनात थे. उन्होंने स्थानीय एसपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि अतिरिक्त 4 पुलिसकर्मी किस आधार पर लगाए गए.
इसके साथ ही जहांगीर खान के भतीजे और रिश्तेदारों को भी सख्त चेतावनी दी गई. अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी भी मतदाता को धमकाने या चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप की शिकायत मिली, तो कठोर कार्रवाई की जाएगी. यह मामला अब चुनावी निष्पक्षता और प्रशासनिक जवाबदेही के मुद्दे पर चर्चा का विषय बन गया है.