पश्चिम बंगाल के मालदा से एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. जहां एसआईआर सुनवाई के लिए जाते समय एक महिला और उसकी बेटी की दुर्घटना में मौत हो गई. जिसके बाद महिला का पति शव को मालदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मुर्दाघर में छोड़ दिया और एसआईआर की सुनवाई के लिए एसआईआर केंद्र चला गया.
SIR सुनवाई के लिए जाने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार मोहम्मद यासीन अंसारी मालदा के गाजोल पुलिस स्टेशन के खरदहिल इलाके के रहने वाले हैं. वह कालियाचक के सुजापुर नैमौजा हाई मदरसा में टीचर हैं. काम के कारण टीचर अपने परिवार के साथ सुजापुर में रहते थे. जिसके बाद स्कूल टीचर और उनकी पत्नी को सुनवाई के लिए बुलाया गया था क्योंकि उनके नाम गलत लिखे थे. इसीलिए वे अपनी पत्नी हलीमा खातून और 9 महीने की बेटी साथ बस पकड़ने के लिए एक ऑटो से अंबजार आ रहे थे.
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इसी दौरान सुस्तानी इलाके में ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई और बेटी की भी अस्पताल में मौत हो गई. जिसके बाद अंसारी ने पत्नी और बेटी का शव पोस्टमार्टम हाउस में छोड़ दिया और एसआईआर सुनवाई के लिए केंद्र चले गए. मृतक के भाई अब्दुर रहमान अंसारी ने कहा कि मेरी बहन और उसके पति सुनवाई का नोटिस मिलने के बाद मालदा आ रहे थे. रास्ते में ऑटो अनियंत्रित होकर पलटने से हादसा हुआ.
अगर वे इस सुनवाई केंद्र पर नहीं जाते तो शायद बच जाते. फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए मालदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मुर्दाघर में रखना पड़ा और सुनवाई के लिए जाना पड़ा. ऐसी घटनाएं बहुत दुखद हैं. हादसे पर जिला युवा तृणमूल अध्यक्ष प्रसेनजीत दास ने कहा कि यह बहुत दुखद और दर्दनाक घटना है. SIR के नाम पर कमीशन लेकर उन्होंने कितनी जानें लीं, हम इस सवाल का जवाब चाहते हैं. हम इस घटना से दुखी हैं और इस बात की निंदा करते हैं कि चुनाव आयोग बीजेपी के इशारे पर ऐसा कर रहा है. इसलिए बंगाल में सत्ता हथियाना नामुमकिन है. बंगाल की जनता आने वाले दिनों में मुंहतोड़ जवाब देगी.
घटना पर BJP का भी आया बयान
दक्षिण मालदा जिले के बीजेपी प्रवक्ता अमलान भादुड़ी ने कहा, अब तृणमूल का काम सिर्फ़ लाशें गिनना है. वे चाहते हैं कि पश्चिम बंगाल में ज़्यादा से ज़्यादा लोग मरें और वे SIR के नाम पर उन्हें चला सकें. ताकि SIR की प्रक्रिया बंद हो जाए. लेकिन ऐसा नहीं होगा. क्योंकि लोग सब समझते हैं. उनके परिवार के सदस्य की दुर्घटना में मौत हो गई, हम उनके प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं.
तृणमूल के नेता किसी भी घटना को SIR का नाम देकर यह प्रोपेगेंडा फैला रहे हैं. लोग सब समझ गए हैं. वे सही वोटर लिस्ट नहीं बनने दे रहे हैं. क्योंकि अगर सही वोटर लिस्ट बन गई, तो वे सत्ता में नहीं रह पाएंगे.
(रिपोर्ट- मिल्टन पॉल)