पश्चिम बंगाल के राजधानी कोलकाता के मशहूर हॉग मार्केट यानी न्यू मार्केट के पास मंगलवार रात को बड़ा बवाल हो गया. आरोप है कि भीड़ ने बुलडोजर लाकर TMC के न्यू मार्केट यूनियन दफ्तर को पूरी तरह तोड़ दिया गया. TMC नेताओं ने कहा कि यह BJP की जीत के जुलूस के दौरान पुलिस की इजाजत से हुआ. लेकिन स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने TMC के दावों को गलत बताया और कहा कि जो तोड़ा गया वो एक गैरकानूनी कब्जा था.
इस पूरे मामले में डेरेक ओ’ब्रायन की तरफ से आरोप लगाए गए हैं कि बड़ी संख्या में लोग बुलडोजर के साथ पहुंचे और निर्माण को गिराया गया. उनके मुताबिक, मौके पर सीएपीएफ के जवान भी मौजूद थे. वीडियो में भी बुलडोजर से ढांचे को गिराते हुए देखा जा सकता है.
पश्चिम बंगाल का चुनावी इतिहास पहले भी हिंसा और टकराव से जुड़ा रहा है. चुनाव परिणाम के बाद कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें और तनाव देखने को मिलता रहा है. ऐसे में इस घटना ने एक बार फिर माहौल को संवेदनशील बना दिया है.
पुलिस ने क्या किया?
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. इलाके में पुलिस की गश्त शुरू कर दी गई ताकि हालात काबू में आएं और कोई और बवाल न हो.
स्थानीय लोगों ने क्या कहा?
यहीं से मामले में एक बड़ा पेच सामने आया. इलाके के आम लोगों और कुछ दुकानदारों ने TMC के दावों को सिरे से नकार दिया. उन्होंने कहा कि जो ढांचा तोड़ा गया वो असल में एक गैरकानूनी कब्जा था. पहले किसी दुकानदार की यह जगह थी जिसे जबरदस्ती छीन लिया गया था. बाद में उस जगह को TMC का यूनियन दफ्तर बना दिया गया था.
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि जिसे 'मांस की दुकान' बताया जा रहा है, वो असल में मांस की दुकान नहीं थी. हां, उस ढांचे के ठीक बगल में मार्केट के अंदर मांस और मछली का बाजार जरूर है. लेकिन जो तोड़ा गया वो एक गैरकानूनी ढांचा और यूनियन दफ्तर था.
यह भी पढ़ें: 'हम हारे नहीं, इस्तीफा नहीं दूंगी', ममता बनर्जी का 28 मिनट का हमला, BJP-EC पर लगाए गंभीर आरोप
यानी TMC के नेताओं पर यह आरोप लगा कि उन्होंने एक गैरकानूनी कब्जे वाले ढांचे को मांस की दुकान बताकर बात को अलग रंग देने की कोशिश की.
हॉग मार्केट क्या है और यह जगह क्यों अहम है?
हॉग मार्केट, जिसे न्यू मार्केट भी कहते हैं, कोलकाता का एक बहुत पुराना और मशहूर बाजार है. यहां रोज हजारों लोग खरीदारी करने आते हैं. यह बाजार कोलकाता की पहचान का हिस्सा है.
बंगाल में हिंसा पर सख्ती, चुनाव आयोग ने जारी किया जीरो टॉलरेंस आदेश
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में पोस्ट पोल हिंसा को लेकर सख्त रुख अपनाया है. मुख्य सचिव, DGP और CAPF को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की हिंसा पर तुरंत और कड़ी कार्रवाई की जाए.