पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को 41 विभागों के सचिवों के साथ बैठक की, जिसमें प्रशासनिक कामकाज और समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. उन्होंने सभी विभागों के सचिवों को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की पॉलिसी 'जीरो टॉलरेंस' की होगी.
बंगाल के मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारियों को नियम-कानून के मुताबिक काम करना होगा और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने सभी मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया. मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को बीएसएफ के लिए लैंड ट्रांसफर और बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम का चीफ-कोऑर्डिनेटर अपॉइंट किया है.
इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 11 मई को सचिवालय 'नबन्ना' में राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की थी. बैठक के बाद उन्होंने बंगाल पुलिस को 2021 के चुनाव बाद हुई हिंसा के मामलों की नए सिरे से जांच, अवैध पशु तस्करी और अवैध बूचड़खानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी और धार्मिक स्थलों व सार्वजनिक कार्यक्रमों में तेज आवाज में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर नियंत्रण के आदेश दिए.
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2021 चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच होगी
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद सरकार की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया कि 2021 के पोस्ट-पोल वायलेंस मामलों की जांच में जहां लापरवाही पाई गई है, वहां दोबारा गहन जांच सुनिश्चित की जाए. राज्य सरकार ने माना कि 2021 विधानसभा चुनाव के बाद हुई राजनीतिक हिंसा की जांच को लेकर गंभीर शिकायतें मिली हैं. निर्देश में कहा गया है कि पोस्ट-पोल वायलेंस से जुड़े मामलों में दाखिल फाइनल रिपोर्ट (FRT) की सावधानीपूर्वक समीक्षा की जाए और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाए.
पुलिस को जनरल डायरी एंट्री (GDE) और संबंधित याचिकाओं की भी समीक्षा करने को कहा गया है. अगर संज्ञेय अपराध सामने आते हैं तो नए मामले दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं. सभी जिलों के एसपी और पुलिस कमिश्नरों को जांच की व्यक्तिगत निगरानी और ट्रायल मॉनिटर करने को कहा गया है. राज्य सरकार ने अवैध पशु बाजारों, गैरकानूनी बूचड़खानों और अवैध खनन के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं.
एनिमल स्लॉटर कंट्रोल एक्ट सख्ती से लागू
पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि लाइसेंसी और वैध पशु व्यापार, खनन गतिविधियों में स्थानीय बदमाशों, दलालों और वसूली करने वालों का हस्तक्षेप न हो. साथ ही 'एनिमल स्लॉटर कंट्रोल एक्ट 2014' का सख्ती से पालन कराने को कहा गया है. सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने के लिए बॉर्डर के थानों को नियमित समन्वय बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया गया है. इन बैठकों में सक्रिय अपराधियों और सीमा पार के दलालों की पहचान, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी.
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थाना स्तर पर हर महीने और एसडीपीओ स्तर पर हर तीन महीने में बैठक होगी. आईजी, आईबी (बॉर्डर) इन बैठकों का रिकॉर्ड रखेंगे. सरकार ने राज्यभर में अवैध हथियारों और विस्फोटकों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू करने का भी फैसला लिया है. सभी थानों के प्रभारी अधिकारियों को 15 मई 2026 तक मालखानों में रखे जब्त हथियारों और गोला-बारूद का रिकॉर्ड से मिलान करने को कहा गया है. 16 मई से दो सप्ताह तक एसडीपीओ और डीएसपी स्तर के अधिकारी मालखानों का निरीक्षण करेंगे.
अवैध हथियारों-विस्फोटकों के खिलाफ सख्ती
इसी दिन से अवैध हथियारों और विस्फोटकों के खिलाफ बड़े पैमाने पर जब्ती अभियान भी शुरू होगा और इसकी दैनिक रिपोर्ट एडीजी, सीआईडी को भेजी जाएगी. बैठक में ट्रैफिक नियमों के पालन पर भी जोर दिया गया. प्रशासन ने ट्रैफिक विंग और स्थानीय थानों को मोटर वाहन अधिनियम के तहत हेलमेट अनिवार्यता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। एडीजी ट्रैफिक नियमित रूप से इसकी निगरानी करेंगे.
इसके अलावा सरकार ने पूरे राज्य में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं. अधिकारियों से कहा गया है कि मंदिरों, मस्जिदों, धार्मिक आयोजनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करते हुए तेज आवाज में लाउडस्पीकर न बजने दिए जाएं. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.