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पश्चिम बंगाल में SIR पर चुनाव आयोग को नोटिस, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- एक हफ्ते में दें जवाब

पश्चिम बंगाल में एसआईआर को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा है. अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी.

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सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 19 जनवरी को (Photo: PTI)
सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 19 जनवरी को (Photo: PTI)

पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर चल रहा है. एसआईआर को लेकर पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. टीएमसी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने भी सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर की है. डेरेक ने अपनी याचिका में एसआईआर की प्रक्रिया में गलत और मनमाने तकनीकी प्रबंधन की शिकायत की है.

डेरेक ने याचिका में कहा है कि गलत और मनमाने तकनीकी प्रबंधन की वजह से एसआईआर की पूरी प्रक्रिया ही बिगड़ रही है. वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर योग्य मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने डेरेक की याचिका सहित एसआईआर को चुनौती देने वाली अन्य याचिकाओं पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर एक हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है.

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सुप्रीम कोर्ट अब पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर दाखिल याचिकाओं पर 19 जनवरी को सुनवाई करेगा. राज्यसभा में टीएमसी के फ्लोर लीडर डेरेक ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि इस प्रकिया को जिस तरह से अंजाम दिया जा रहा है, उसके चलते बुजुर्ग नागरिकों को बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने डेट बढ़ाने की डिमांड भी की है.

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डेरेक की ओर से दाखिल याचिका में चुनाव आयोग को यह निर्देश देने की डिमांड की है कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने या हटाने के साथ ही दावे और आपत्तियां जमा करने की अंतिम तारीख 15 जनवरी से आगे बढ़ाई जाए. याचिका में यह डिमांड भी की गई है कि चुनाव आयोग बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को वॉट्सऐप या अन्य अनौपचारिक तरीकों से निर्देश देना बंद करे.

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