पश्चिम बंगाल में ईडी (ED) की छापेमारी के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अब तक का सबसे बड़ा और सीधा हमला बोला है. कोलकाता की सड़कों पर हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए ममता ने न केवल गृह मंत्री अमित शाह पर कोयला घोटाले के पैसे लेने का आरोप लगाया, बल्कि दावा किया कि उनके पास इसके पुख्ता सबूत 'पेन ड्राइव' में मौजूद हैं.
ममता बनर्जी ने चेतावनी दी कि अगर केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों ने उनकी सरकार पर जरूरत से ज्यादा दबाव बनाया, तो वह सारे सबूत सार्वजनिक कर देंगी. उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर होने के कारण वह अब तक संयम बरतती आई हैं, लेकिन “लक्ष्मण रेखा” पार होने पर वह चुप नहीं रहेंगी. उन्होंने कहा, "मैं राष्ट्रीय हित में नहीं बोलती. अगर मैं अपना मुंह खोलूंगी तो पूरी दुनिया में हंगामा मच जाएगा."
ममता बनर्जी ने कहा, “मेरे पास पेन ड्राइव हैं. मैंने अपने पद के सम्मान में चुप्पी साध रखी है. मुझ पर ज्यादा दबाव मत डालिए. मैं सब कुछ बता दूंगी. पूरा देश चौंक जाएगा. सुनिए, यह उनका सौभाग्य है कि मैं संवैधानिक पद पर हूं, इसीलिए मैं पेन ड्राइव नहीं निकाल रही हूं. अगर वे मुझे हद से ज्यादा परेशान करेंगे, तो मैं आपको चेतावनी दे रही हूं-मेरे पास सभी पेन ड्राइव हैं. मैं सब कुछ उजागर कर दूंगी. मैं एक सीमा तक ही बर्दाश्त करती हूं. याद रखिए, लक्ष्मण रेखा भी है."
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ईडी ने की थी छापेमारी
ED की छापेमारी की यह कार्रवाई PMLA के तहत कथित अवैध कोयला खनन मामले से जुड़ी है. एजेंसी का दावा है कि अवैध रूप से अर्जित I-PAC से जुड़े लेन-देन में करोड़ों रुपये का संदिग्ध धन शामिल है. वहीं, ममता ने जांच में हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह पार्टी अध्यक्ष के तौर पर चुनावी रणनीति की सुरक्षा के लिए मौके पर पहुंची थीं.
हालांकि, कई आलोचकों ने सवाल उठाया कि अगर वह पार्टी प्रमुख के तौर पर काम कर रही थीं, न कि मुख्यमंत्री के तौर पर, तो वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारी उनके साथ छापेमारी स्थल पर कैसे जा सकते थे.
वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कोयला घोटाले की रकम अंततः अमित शाह तक पहुंची और इसके लिए उन्होंने भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी का नाम भी लिया. ममता ने BSF और CISF की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोयला तस्करी रोकने में केंद्रीय एजेंसियां विफल रहीं.